प्रिंस कुमार/ अररिया/
भूमि विवादों के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के लिए शनिवार को आयोजित होने वाले विशेष ‘जनता दरबार’ की हकीकत जानने के लिए जिला पदाधिकारी विनोद दूहन एवं पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार अचानक अंचल कार्यालय, अररिया पहुंचे। दोनों वरीय अधिकारियों ने वहां की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया और दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को संजीदगी से सुना।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भूमि विवाद से संबंधित मामलों की फाइलों को खंगाला। उन्होंने अंचलाधिकारी (CO) और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पारित किए जाने वाले आदेशों में ‘एकरूपता’ होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मामलों का निपटारा राजस्व विभाग के अद्यतन नियमों और दिशा-निर्देशों के आधार पर ही हो। प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि आम जनता को बार-बार कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें।
डीएम श्री विनोद दूहन ने जनता दरबार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे फरियादियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने पूछा कि क्या उनकी शिकायतों को सही ढंग से दर्ज किया जा रहा है और क्या पूर्व में दिए गए आवेदनों पर कोई कार्रवाई हुई है? फरियादियों ने निष्पादन की स्थिति और प्रशासनिक सहयोग को लेकर अपना फीडबैक दिया। इस दौरान डीएम की उपस्थिति में कुल पांच पुराने मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया गया।
पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार ने भी भूमि विवादों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति वाले इस जनता दरबार से जनसमस्याओं का समाधान आसान हो जाता है। पुलिस प्रशासन हर स्तर पर पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने कहा कि ‘शनिवारीय जनता दरबार’ प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का एक सशक्त सेतु है। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर के विवादों को आपसी सहमति और कानूनी तरीके से सुलझाना है ताकि कोर्ट-कचहरी के बोझ को कम किया जा सके।



