Lawrence Bishnoi: गुजरात जेल में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने 13 दिन का मौन व्रत किया, क्या फिर हो सकता है कोई बड़ा कांड?

अहमदाबाद, Lawrence Bishnoi: गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने एक बार फिर मौन व्रत धारण किया है, जिससे जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां हलचल में हैं। बिश्नोई ने इस बार 13 दिनों के लिए मौन व्रत लिया है, जो कि उसकी जन्मतिथि 12 फरवरी से पहले समाप्त होगा। लॉरेंस का यह मौन व्रत पहले भी कई बार चर्चा का विषय बन चुका है, क्योंकि जब भी उसने मौन रखा है, उसके गैंग से जुड़ी कोई बड़ी वारदात सामने आई है। सूत्रों का कहना है कि बिश्नोई जब भी मौन व्रत पर होता है, तब उसके गैंग से किसी बड़े अपराध की योजना बनती है, और इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं।

लॉरेंस बिश्नोई को साबरमती जेल की अति सुरक्षित ‘अंडा सेल’ में रखा गया है, जहां उसे एकांत में रखा जाता है और उसके संपर्क में आने वाले अन्य कैदी नहीं होते। इस सेल को एक तरह से जेल का सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है, जहां आतंकवादियों और गंभीर अपराधों में शामिल कैदियों को रखा जाता है। हालांकि, इस माहौल में भी लॉरेंस ने अपनी धार्मिक गतिविधियों को जारी रखा है। वह नवरात्रि में उपवासी रहता है और प्रत्येक मंगलवार को मौन धारण करता है। इस बार उसने 12 फरवरी को अपना जन्मदिन मनाने से पहले 13 दिन का मौन व्रत रखा है। सूत्रों के मुताबिक, लॉरेंस का मौन व्रत 12 फरवरी को समाप्त होगा, जो उसकी जन्मतिथि भी है।

वह इस दौरान किसी से बात नहीं करता और केवल इशारों से ही संवाद करता है। यह मौन व्रत उसने धार्मिक कारणों से लिया है, जैसा कि पहले भी देखा गया है। पिछले समय में, जब लॉरेंस ने ऐसे मौन व्रत रखे थे, तब उसकी गैंग से जुड़े बड़े अपराधों ने सुर्खियां बटोरीं, जैसे सिद्धू मूसेवाला की हत्या और सलमान खान के घर पर फायरिंग की घटनाएं। ऐसे में इस बार भी सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लॉरेंस का मौन व्रत किसी न किसी बड़ी योजना की ओर इशारा कर सकता है। गुजरात जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि उसके मौन व्रत के बाद क्या कोई नई घटना सामने आती है।

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