PURNIA NEWS, अभय कुमार सिंह ; टीकापट्टी थाना क्षेत्र के तेलडीहा गांव में समूह की दो महिलाओं के साथ फाइनेंस कंपनी का कर्मी बताकर स्केनर के सहारे 6500 रूपये की ठगी कर ली, जिससे महिला का रो-रोकर बुरा हाल है । इधर गुस्सायी महिलाओं ने किश्त की राशि मांगने आए फील्डकर्मी नंदू मिश्र को रोक लिया तथा उसपर आरोप लगाना शुरू कर दिया कि उसके द्वारा ही ठगी कर ली गई है । यद्यपि खबर पाकर आशीर्वाद माईक्रो फाइनेंस कंपनी के बीएम संतोश कुमार मौके पर पहुंचे तथा घटना की जानकारी ली तथा मामला शांत कराया । इस संबंध में समूह की पीडित महिला सीता देवी ने बताया कि कंपनी के फील्ड कर्मी नंदू मिश्र के साथ गुरूवार की सुबह आठ बजे समूह की सभी महिलाओं के साथ बैठक होनी थी । तभी उनके पुत्र लालु यादव के फोन पर बैठक के लिए आनेवाले फील्डकर्मी नंदू मिश्र का फोन आया कि महिलाएं अगर बैठक में नहीं आना चाहती हैं, तो किश्त की राशि को ऑन लाइन पेमेंट कर दें । इसके लिए उसके द्वारा मोबाइल पर स्केनर भेजा जा रहा है । उसके पुत्र के मोबाइल पर मोबाइल नंबर 912204595 से स्केनर भेजा गया । स्केनर पर जब राशि भेजा जाने लगा, तब उस स्केनर पर रीना देवी का नाम आया, इस बात पर जब जिस नंबर पर फील्डकर्मी बनकर अज्ञात फ्रॉड बोल रहा था, से रीना देवी के बारे में पूछा गया, तब उसने बताया कि यह उसकी पत्नी का नंबर है, उसी पर भेज दीजिए । उसके पुत्र ने उस स्केनर पर दो बार में क्रमषः 1000 एवं 2000 रूपये भेज दिये । ठीक इसी तरह दूसरी महिला तारा देवी के पुत्र गोकरण यादव ने भी गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा किश्त के 3390 रूपये उसी स्केनर पर भेज दिये तथा निश्चिंत हो गए । उनका कहना था कि फील्डकर्मी अलग-अलग नंबरों से बात करते रहते हैं, इसलिए उन्हें समझ में नहीं आया कि उनके साथ फ्रॉड हो रहा है ।
इधर फाइनेंस कंपनी के फील्डकर्मी नंदू मिश्र सुबह आठ बजे नहीं आकर दिन के तीन बजे पहुंचा तथा किश्त की मांग करने लगा । इसपर दोनों महिलाएं विफर पडीं कि एक तो अपनी पत्नी के नाम पर ऑनलाइन पैसा मंगा लिया, फिर दुबारा पैसे कैसे मांग रहे हो । फील्डकर्मी अवाक रह गया तथा जब महिला का मोबाइल देखा गया तब वह राशि किसी रीना देवी के नाम पर स्केनर के माध्यम से मंगाया गया था । आक्रोशित हो महिलाओं के द्वारा फील्डकर्मी को रोक लिया गया तथा अपने वरीय अधिकारियों को बुलाने को कहा । रोकने की खबर पर मौके पर कंपनी के बीएम संतोश कुमार पहुंचे तथा मामला का जायजा लिया । इसमें स्पश्ट उजागर हुआ कि महिलाओं को लोन लेने के समय ही कह दिया गया है तथा हर बैठक में कहा जाता है कि किसी को भी ऑनलाइन किश्त की राशि नहीं देनी है, अगर देनी ही है, तब बैठक के समय फील्डकर्मी के द्वारा कंपनी के खाता नंबर पर भेजना है । बावजूद अगर महिलाएं ठगी का शिकार हुई हैं, तब फिर उनकी गलती क्या है । यद्यपि उनके द्वारा फील्डकर्मी नंदू मिश्र की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की तथा आदेश दिया कि जब भी बैठक हो, तब की जीपीएस सहित सभी किश्त अदा करनेवाले ग्राहकों की तस्वीर लेने की बात कही । कुल मिलाकर एकओर जहां फाइनेंस कंपनी की इस ठगी में लापरवाही उजागर हुई है, वहीं इन गरीबों की गाढी कमाई पर फ्रॉड की नजर लगी हुई है । पीडितों द्वारा इस फ्रॉड के खिलाफ थाना में आवेदन देने की बात कही गई है । इस दौरान दोनों महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था ।



