चनपटिया: चनपटिया विधानसभा से जेएसपी उम्मीदवार के तौर पर 37,000 से ज्यादा वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे यूट्यूबर-नेता Manish Kashyap चुनाव हारने के बाद भी इलाके के “असली जननेता” बनकर उभरे हैं। ग्राउंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, चनपटिया के लोग किसी परेशानी में सबसे पहले निर्वाचित विधायक को नहीं, बल्कि मनीष कश्यप को ही याद करते हैं – बच्चे की गंभीर बीमारी हो या क्राफ्ट सिस्टम का अन्याय, लोग वीडियो बनाकर मनीष तक फरियाद पहुंचाते हैं।
स्थानीय लोग कहते हैं – “विधायक जी दिखते नहीं, लेकिन मनीष जी पर भरोसा है कि हमारी बात सुनी जाएगी।” वर्षों से भ्रष्टाचार और सिस्टम की गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले मनीष की लोकप्रियता हार से और बढ़ गई है, प्रदेश भर में अन्याय के शिकार लोग उन्हें अपनी पुकार भेज रहे हैं। समर्थक उन्हें चनपटिया का “वास्तविक जननेता” मान रहे हैं, जो मैदान में सक्रिय रहकर जनता के साथ खड़े हैं। मनीष कश्यप की यह “जनता की पहली पुकार” वाली छवि बिहार की सियासत में नया चर्चा का विषय बन गई है।



