प्रिंस कुमार/ अररिया: आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 80 परिवादियों ने अपनी समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। डीएम ने एक-एक कर फरियादियों की बात सुनी और कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया।
भूमि विवाद और राजस्व से जुड़ी शिकायतों की रही प्रधानता
जनता दरबार में प्राप्त कुल शिकायतों में से अधिकांश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थीं। इनमें मुख्य रूप से:
म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) और परिमार्जन में देरी। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और निजी जमीन पर जबरन दखल-कब्जा। जमीन का सीमांकन और खतियानी जमीन से जुड़े विवाद।
भूमि विवादों के अलावा शिक्षा, विद्युत विभाग, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड और स्वास्थ्य विभाग में मानदेय से जुड़ी समस्याओं पर भी डीएम ने संज्ञान लिया।
इन प्रमुख शिकायतों पर हुई सुनवाई
जनता दरबार में कई गंभीर और महत्वपूर्ण मामले सामने आए:
नीलम कुमारी: बुककीपर की नियुक्ति में हुई अनियमितता की शिकायत की।
जगदीश शर्मा: रेलवे भूमि अधिग्रहण के दौरान निजी जमीन पर फसल बर्बादी के मुआवजे की मांग।
बीबी सेहराना खातून: आंगनबाड़ी बहाली प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया।
गुलज़ार अंसारी: शिक्षा विभाग में रात्रि प्रहरी की नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली की शिकायत दर्ज कराई।
चांदनी देवी व कमलानंद पासवान: जमीन पर जबरन कब्जे और खतियानी भूमि विवाद को लेकर गुहार लगाई।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: पोल शिफ्टिंग से लेकर म्यूटेशन तक पर एक्शन
जनता दरबार के तुरंत बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अंचलाधिकारी (CO) और डीसीएलआर (DCLR) को भूमि विवादों के निपटारे में तेजी लाने का निर्देश दिया। विद्युत विभाग की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उन्होंने राजस्व पदाधिकारी को पोल शिफ्टिंग के मामलों को तुरंत हल करने को कहा।
डीएम विनोद दूहन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जन-शिकायतों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर निपटाना सुनिश्चित करें।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त (DDC), जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), डीसीएलआर अररिया एवं फारबिसगंज, सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा), प्रभारी पदाधिकारी (जन शिकायत कोषांग) और अररिया अंचल अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।



