सहरसा,अजय कुमार : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक सौ वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य पर इस शताब्दी वर्ष में हिन्दू समाज को संगठित करने एवं जागृति हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।इस कड़ी में गांव बस्ती प्रखंड एवं जिला स्तर पर विराट हिंदू सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।रविवार को नया बाजार काली मंदिर प्रांगण में विराट हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित हुई।
इस अवसर पर वक्ता के रूप में श्रीमान देवव्रत बाबा महर्षि मेंही आश्रम,महंत उपेंद्र खिरहर,सहरसा इस्कॉन के जगदीश गोपाल दास, शिव शिष्य परिवार के नेहा दीदी, प्रांत सह गौ सेवा संयोजक उमाशंकर खां, हरी शेखर मिश्र, इंजीनियर रामेश्वर ठाकुर एवं मुख्य अतिथि डॉक्टर गोपाल शरण सिंह के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर शंख ध्वनि से वातावरण गूंज उठा। वही सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गान गाकर लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया। स्वागत गान में सुश्री अभीश्री, अदित्रि, ने गायन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ गोपाल शरण सिंह ने की।उन्होने कहा कि हिंदू जागरण की दिशा में नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करने हेतु हिंदू सनातन संस्कृति सनातन धर्म एवं सामाजिक एकता के प्रतीक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन वर्तमान समय में अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है जहां भी हिंदू समाज कमजोर हुआ है वह क्षेत्र भारत के नक्शे से कट गया है। उन्होंने कहा कि अखंड भारत के रूप में जो हमारी भौगोलिक सीमा थी वर्तमान समय में भारत का भारत की सीमा काफी संकुचित हो गई है।
इसमें मुख्य वक्ता के रूप में उमाशंकर खाँ ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष का सफर कठिनाई व चुनौतीपूर्ण रहा है।वही संघ के 100 वर्ष के यात्रा के दौरान संघ ने जो अपने समाज से पांच परिवर्तन हेतु संकल्प लिया गया। उसके संदर्भ में विस्तृत रूप से हिंदू सम्मेलन में आए सभी महानुभावों के बीच में संबोधित किया।कार्यक्रम मे सामाजिक समरसता,पर्यावरण संरक्षण,कुटुंब प्रबोधन,गौ आधारित जीवन एवं नागरिक कर्तव्यबोध प्रमुख बिंदू है।
ऐसे में हिंदू समाज को संगठित एवं जागरण करने हेतु इस प्रकार के सम्मेलन अति आवश्यक है। इस अवसर पर नगर कार्यवाह श्रवण कुमार, सेवा प्रमुख डॉ मुरारी कुमार, नवीन कुमार, नन्हे सिंह, आशीष टिंकू, सुरेंद्र भगत, उदाहरण भगत, शंकर मिश्रा,भैरव झा सहित अन्य मौजूद रहे।



