पूर्णिया/
महिला छात्राओं की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच पूर्णिया महिला महाविद्यालय की चाहरदीवारी निर्माण कार्य अब प्रशासनिक सहयोग से निरंतर आगे बढ़ रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय, सदर पूर्णिया के पत्रांक–1982/सा० दिनांक 30/12/2025 के आलोक में बुधवार 21 जनवरी 2026 को यह निर्माण कार्य जिला प्रशासन की उपस्थिति में प्रारंभ किया गया।

महाविद्यालय के प्रिंसिपल आनंद गुप्ता एवं वहां की प्रोफेसर ने ने बताया कि चाहरदीवारी का निर्माण छात्राओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है और महिला महाविद्यालय प्रशासन पूरी तरह कानूनी दायरे में रहकर प्रशासन की मदद से इस कार्य को सफल बनाने की दिशा में अग्रसर है। इस पूरे प्रकरण में महाविद्यालय प्रशासन एवं कर्मियों ने जिम्मेदारी और संयम का परिचय दिया है।
निर्माण कार्य के दौरान पूर्वाह्न लगभग 11 बजे प्रफुल्ल चन्द्र राय, उनके परिजनों एवं कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अंचलाधिकारी, पूर्णिया एवं सुरक्षा कर्मियों के साथ झड़प की गई तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। जिला प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और चाहरदीवारी निर्माण कार्य जारी रखा जा सका।
इसी क्रम में एक और गंभीर मामला सामने आया है। पूर्णिया ईस्ट प्रखंड के अंचलाधिकारी (सीओ) पर आरोप है कि उन्होंने विवाद के दौरान विपक्षी पक्ष की एक महिला को धक्का दिया और हाथ उठाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद जिले में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। खासतौर पर एक महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और सोशल मीडिया पर लगातार सीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
गौरतलब है कि यह विवाद पिछले कई दिनों से चला आ रहा था, लेकिन दो पक्षों के बीच चल रही तनातनी के बीच महिला छात्राओं की सुरक्षा और महिलाओं के सम्मान को प्राथमिकता देना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन इस पूरे मामले पर सतर्क नजर बनाए हुए है और निष्पक्ष जांच व कानूनसम्मत कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।



