महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर शुरुआती जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं, जिनमें लैंडिंग के दौरान पायलट की संभावित चूक की ओर इशारा किया गया है। सूत्रों के अनुसार, खराब दृश्यता के कारण रनवे की सही पोजिशन का आकलन करने में पायलट से गलती हुई हो सकती है। जांच से यह भी सामने आया है कि ऐसी स्थिति में विमान को पुणे डायवर्ट करने का विकल्प मौजूद था, लेकिन इसके बजाय दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश की गई। बताया जा रहा है कि दूसरी एप्रोच के दौरान पायलट को स्थिति की गंभीरता का अहसास हुआ और उन्होंने ऐन वक्त पर विमान की स्पीड और पोजिशनिंग सुधारने का प्रयास किया, हालांकि यह प्रयास समय पर सफल नहीं हो सका।
सूत्रों का कहना है कि तय समय पर लैंडिंग का दबाव भी एक अहम कारण हो सकता है, जो वीआईपी फ्लाइट्स और विशेष उड़ानों में आमतौर पर देखा जाता है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अनियंत्रित एयरफील्ड पर खराब विजिबिलिटी में लैंडिंग का प्रयास बेहद जोखिम भरा माना जाता है, खासकर तब जब कुछ मिनट पहले तक रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा हो। फिलहाल जांच एजेंसियां फ्लाइट अलाइनमेंट, रनवे से दूरी, मौसम की स्थिति और घटनाओं के क्रम का गहन विश्लेषण कर रही हैं।
गौरतलब है कि मुंबई से वीएसआर वेंचर्स का लियरजेट-45 विमान बुधवार सुबह 8:10 बजे रवाना हुआ था और 8:46 बजे दूसरी लैंडिंग के प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ऊंचाई पर स्थित बारामती एयरस्ट्रिप पर विमान रनवे से करीब 50 मीटर दूर नीचे के इलाके में गिरा, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ और विमान आग के गोले में तब्दील हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार अजित पवार, पायलट सुमित कपूर, सह-पायलट शांभवी पाठक और डिप्टी सीएम के दो अंगरक्षक समेत सभी लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है।



