पूर्णिया: राष्ट्रापिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में जनजागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उपस्थित लोगों की चिकित्सकीय जांच करते हुए लोगों को आवश्यक मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा महात्मा गांधी द्वारा प्रशंसित कुष्ट रोग निवारण पर लोगों को जागरूक करते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर उपस्थित चिकित्सकीय सहायता की जानकारी दी गई। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया द्वारा पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सहायता कार्यक्रम का आयोजन करते हुए उपस्थित लोगों को चिकित्सकीय सहायता प्रदान किया गया।
- स्वास्थ्य केंद्रों पर कुष्ट रोग को जड़ से मिटाने हेतु लिया गया शपथ :
सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि कुष्ट रोग जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है। यह एक पुराना संक्रामक जीवाणु संक्रमण है जो मुख्य रूप से त्वचा, तंत्रिका, आंखों, नाकों को प्रभावित करता है जिससे ग्रसित लोगों को गंभीर बीमारियों में शामिल अंधापन, लकवा, घाव आदि हो सकता है। यह एक माइक्रोबैक्टीरियम लेप्रि नामक जीवाणु से होने वाली बीमारी है। इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से संभव है जिसके उपयोग से ग्रसित लोगों को विकलांग ग्रसित होने से सुरक्षित रखा जा सकता है। स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा इसे जड़ से खत्म करने की शपथ ली गई है जिससे ग्रसित लोगों की समय पर पहचान करते हुए संबंधित लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा सके और लोग स्वास्थ्य और सुरक्षित रह सकें।
- लोगों को उपलब्ध कराई गई चिकित्सकीय जांच और उपचार सुविधा :
पूर्णिया पूर्व प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पूर्णिया पूर्व प्रखंड के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संचालित स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा अभियान चलाया गया और उपस्थित लोगों को चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर ग्रसित लोगों को सभी बीमारियों से सुरक्षित करने के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध है जिसका ग्रसित लोगों द्वारा लाभ उठाया जा सकता है। बीएचएम विभव कुमार ने कहा कि महात्मा गांधी के पुण्यतिथि पर स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच कैम्प का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी वरिष्ठ लोगों की आवश्यक जांच करते हुए लोगों को चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई। इसके साथ साथ लोगों को संबंधित बीमारियों के नियमित जांच और उपचार स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध होने की जानकारी देते हुए जरूरत होने पर इसका लाभ उठाने की जानकारी दी गई।
- क्या है कुष्ट रोग :
यह एक जीवाणु जनित बीमारी है जो तंत्रिकाओं, त्वचा और अन्य अंगों को नुकसान पहुँचाती है। यह बीमारी माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु के कारण होता है।
- इस बीमारी के मुख्य लक्षण :
-त्वचा पर सुन्न और हल्के रंग के धब्बे (पैचेस) पड़ना, जिनमें संवेदना कम या खत्म हो जाती है।
-हाथों और पैरों में सुन्नपन, जिससे चोट लगने या जलने पर दर्द महसूस नहीं होता है।
-मांसपेशियों में कमजोरी का होना।
-नाक की परत में सूजन और घाव का होना।
- महत्वपूर्ण तथ्य :
-कुष्ठ रोग का शीघ्र पता लगने और इलाज होने से स्थायी विकलांगता को रोका जा सकता है।
-दुनियाभर में इसके मामले कम हो रहे हैं, लेकिन एशिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में यह अभी भी एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है।



