अररिया, राजेश कुमार: अररिया जिले के फुलकाहा थाना परिसर में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार खुद आम जनता की शिकायतें सुनने जनता दरबार में पहुंचे। दरबार में पहुंचते ही फरियादियों की लंबी कतार लग गई और देखते ही देखते थाना परिसर जनसमस्याओं का केंद्र बन गया। दर्जनों लोगों ने एसपी के समक्ष लिखित आवेदन देकर अपनी-अपनी पीड़ा रखी, जिनमें से अधिकांश मामले भूमि विवाद से जुड़े पाए गए।
जनता दरबार के दौरान सुरसर इलाके में पूर्व में संचालित पुलिस कैंप को पुनः बहाल करने की मांग जोर पकड़ती दिखी। समाजसेवी नरेश बिराजी ने एसपी को बताया कि सुरसर में पहले पुलिस अधिकारी और बलों की तैनाती से अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिलती थी, लेकिन कैंप हटने के बाद क्षेत्र में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। इस पर एसपी ने स्थल निरीक्षण कर मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया।
दरबार में उस वक्त माहौल और गंभीर हो गया जब फुलकाहा के चर्चित कारोबारी दीपू हत्याकांड का मुद्दा उठा। मृतक के पिता अशोक गुप्ता और उनकी पत्नी ने बताया कि इस मामले में जेल में बंद आरोपी पिता की जमानत के बाद उनकी जान को खतरा बना हुआ है। दोनों ने एसपी से सुरक्षा की गुहार लगाई। वहीं अररिया नगर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष रणधीर सिंह ने अपने घर में हुई लाखों की चोरी की घटना को लेकर पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग रखी।
जनता को संबोधित करते हुए एसपी जितेंद्र कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईमानदारी से न्याय करने वालों को जनता हमेशा सम्मान देती है। उन्होंने ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से पंचायत स्तर पर व्यवस्था सुधारने की अपील करते हुए कहा कि छोटे-मोटे विवादों का समाधान सरपंच स्तर पर होना चाहिए, लेकिन पॉक्सो, एससी-एसटी जैसे गंभीर मामलों में पंचायत करने से सख्त परहेज किया जाए। भूमि विवाद को लेकर उन्होंने दो टूक कहा कि जमीन पर कब्जा दिलाना पुलिस का काम नहीं है, पुलिस केवल विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए है।
करीब बीस भूमि विवाद मामलों में एसपी ने थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि दोनों पक्षों को नोटिस देकर नरपतगंज अंचल के जनता दरबार में उपस्थित कराया जाए। इस दौरान फारबिसगंज डीएसपी मुकेश कुमार साहा, रानीगंज सर्किल इंस्पेक्टर सतीश कुमार, फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य सहित कई थानों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।



