सहरसा, अजय कुमार: महात्मा गांधी जी की पूर्ण तिथि के अवसर पर शंकर चौक पर एक श्रद्धांजलि सह विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वैश्य महासभा के जिला अध्यक्ष कामेश्वर साह ने की। जबकि सभा का संचालन रमाशंकर भगत द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन,विचारों और देश की आज़ादी में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा थे।
उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर न केवल भारत को स्वतंत्रता दिलाई, बल्कि पूरी दुनिया को नैतिकता, शांति और मानवता का संदेश दिया। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने सत्य,अहिंसा, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को अपने जीवन का आधार बनाया। दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुआ उनका सत्याग्रह भारत की आज़ादी की सबसे बड़ी ताकत बना। दांडी मार्च,असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों ने अंग्रेज़ी हुकूमत की नींव हिला दी।
सभा में यह भी कहा गया कि आज के समय में गांधी जी के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारा और नैतिक मूल्यों को अपनाकर ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने गांधी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से डाॅ अभिषेक वर्धन कुमार,अमरज्योति जायसवाल, राजेश कुमार शर्मा, सुनील राय, अमित कुमार, बैजनाथ गुप्ता, अमरकांत झा, सनोज कुमार, श्रावण चौधरी, दीपक कुमार, गोरी साह, राहुल गौरव एवं विजय कुमार, बिनोद कुमार, संजय कुमार सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



