विधि संवाददाता, पूर्णिया: इस वर्ष के पहले राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026 को होने जा रहा है। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली के कार्यक्रम के अनुसार बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूर्णिया द्वारा भी 14 मार्च को व्यवहार न्यायालय पूर्णिया एवं अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय बनमनखी, धमदाहा तथा बायसी में किया जाएगा। न्यायालय में लंबित सुलहनीय/शमनीय प्रकृति के मामालों के अधिक से अधिक निष्पादन हेतु 31 जनवरी 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार कन्हैयाजी चौधरी की अध्यक्षता एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार की उपस्थिति में सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अपने-अपने न्यायालय से अधिकाधिक मामलों को चिन्हित कर उन मामलों के पक्षकारों/पीड़ितों को नोटिस भेजने एवं वाद के पक्षकार के बीच प्री-लोक अदालत बैठक करने हेतु निर्देश दिया गया।
बैठक में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राकेश कुमार, जिला एवं अपर सत्र न्यायादिश क्रमशः प्रथम- नरेन्द्र कुमार, द्वितीय- देशमुख, तृतीय- ठाकुर अमन कुमार, विशेष अनन्य उत्पाद न्यायाधीश जितेश कुमार, विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधि०) श्रीमती आकांक्षा कश्यप, नवम- गौरव सिंह, विशेष अनन्य उत्पाद न्यायाधीश सतीश कुमार झा, पंचम- अभिषेक रंजन, ग्यारहवें- मो० इनाम खान, सोलहवीं- शीमा एरम, बारहवें- सितेश कुमार, तेरहवें- बजरंग कुमार चौधरी, चौदहवीं- श्रीमती श्वाति कुमारी सिंह, पंद्रहवें- धर्मेन्द्र सिंह, विशेष न्यायाधीश (पोक्सो अधि०) रंजन कुमार रैना, दसवीं- सुश्री गुलनाज फिरदोस, अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय रंजय कुमार, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्रीमती राधा कुमारी, अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम प्रमोद रंजन, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी क्रमशः राहुल प्रकाश, सुश्री पल्लवी, सुश्री स्निग्धा, अमित कुमार, मो० कामरान, प्रदीप कुमार रवि एवं सुश्री सुवर्णा नारायण उपस्थित हुए।
साथ हीं अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय बनमनखी से अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य दण्डाधिकारी सतीश मणि त्रिपाठी, मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी अनुराग, व्यवहार न्यायालय धमदाहा से अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य दण्डाधिकारी शैलेश कुमार राम, व्यवहार न्यायालय बायसी से अवर न्यायाधीश सह अपर मुख्य दण्डाधिकारी सुश्री सरोज कृति तथा मुंसिफ सह न्यायिक दण्डाधिकारी प्रशांत कुमार उपस्थित शामिल थे। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक मामले, प्ली बार्गेनिंग के मामले, धारा 138 एन०आई० एक्ट के मामले, बैंक वसूली के मामले, मोटर दुर्घटना दावा वाद, शमनीय ट्रैफिक चालान, श्रम विवाद, जनउपयोगी सेवाएँ से संबंधित मामले जैसे बिजली एवं पानी बिल, तलाक छोड़कर वैवाहिक विवाद, भू-अधिग्रहण के मामले, सेवा एवं पेंशन संबंधित मामले, उपभोक्ता से संबंधित मामले, राजस्व से संबंधित मामले एवं अन्य दीवानी वादों का सुलह समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।



