पटना: पटना सिविल कोर्ट परिसर में शुक्रवार को मिली बम की धमकी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते कोर्ट की कार्यवाही पूरी तरह ठप हो गई और सुरक्षा बलों ने तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया। पुलिस को मिली सूचना के अनुसार एक अज्ञात नंबर से फोन पर बम धमकी दी गई थी, जिसके बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया, सभी न्यायाधीशों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) के साथ डॉग स्क्वॉड और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कई घंटों तक की तलाशी और सघन जांच के बाद किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक का पता नहीं चला, लेकिन सुरक्षा कारणों से दिनभर कोर्ट की कार्यवाही स्थगित रही।
इस दौरान पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, जो इस हड़कंप के कारण टल गई और मामले की अगली तारीख तय नहीं हो सकी। पुलिस ने धमकी देने वाले नंबर की जांच शुरू कर दी है और कहा है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ा जाएगा। कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों और कर्मचारियों ने बताया कि यह धमकी सुबह करीब 10 बजे आई, जिसके बाद पूरे परिसर में दहशत फैल गई और लोग इमारत से बाहर निकलने लगे। प्रशासन ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली और आसपास के स्कूलों-कॉलेजों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई।
यह घटना पटना कोर्ट में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है और इससे न्यायिक व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि धमकी फर्जी निकली है लेकिन जांच जारी है ताकि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इस बीच पप्पू यादव के वकीलों ने कहा कि जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई होनी चाहिए, क्योंकि मामला पुराना है और जांच में देरी से न्याय में रुकावट आ रही है। कोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।



