नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यह समझौता असल में एक ‘पूर्व-निर्धारित खरीद समझौता’ (pre-committed purchase agreement) जैसा लगता है, जिसमें भारत को पहले से तय मात्रा में अमेरिकी उत्पाद खरीदने होंगे। थरूर ने दावा किया कि इस तरह का समझौता भारत के हितों की बजाय अमेरिकी निर्यात को बढ़ावा देने वाला प्रतीत होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि समझौते में कृषि और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे भारतीय किसानों और छोटे उद्योगों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। थरूर ने सवाल उठाया कि क्या यह समझौता वाकई आपसी लाभ का है या फिर भारत को अमेरिकी दबाव में कुछ तय मात्रा में सामान खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समझौतों में पारदर्शिता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने यह भी मांग की कि सरकार संसद में इस समझौते के सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा कराए ताकि जनता को सच्चाई पता चल सके। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन विपक्ष इसे राष्ट्रीय हितों से समझौता बताकर सवाल उठा रहा है।



