पूर्णिया: पूर्णिया विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा राज्यपाल सचिवालय के निर्देशानुसार एवं माननीय कुलपति प्रो. डॉ. विवेकानंद सिंह के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में ‘रीस्टोरिंग चाइल्डहुड: प्रीवेंटिंग ड्रग एब्यूज एंड इंटीग्रेशन ऑफ चिल्ड्रेन इन नीड ऑफ केयर एंड प्रोटेक्शन’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वंचित बच्चों, विशेषकर रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने तथा जागरूकता फैलाने को लेकर विद्यार्थियों में संवेदनशीलता विकसित करना था।
प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय मुख्यालय के स्नातकोत्तर विभागों सहित पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया, पूर्णिया महिला कॉलेज, जीएलएम कॉलेज, बनमनखी तथा बीएमटी लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चयनित पाँच छात्र एवं पाँच छात्राओं को पटना स्थित बिहार लोक भवन में महिला इमदाद कमेटी द्वारा आयोजित सेमिनार में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने हेतु भेजा जाएगा। कुलपति प्रो. सिंह ने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ लेखन कौशल विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि लेखन अभ्यास से विषय की गहन समझ और स्मरण शक्ति मजबूत होती है।
राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंकिता विश्वकर्मा ने कहा कि वंचित बच्चों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के पीछे उन्हें माध्यम के रूप में उपयोग किया जाना एक गंभीर कारण है, जिसे तोड़ना आवश्यक है। विश्वविद्यालय के क्रीड़ा पदाधिकारी डॉ. सी.के. मिश्रा ने भी ऐसे आयोजनों को युवाओं में जागरूकता और पुनर्वास की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।



