PURNIA NEWS : बिहार सरकार द्वारा प्रस्तुत नया आम बजट महिला केंद्रित विकास की एक नई इबारत लिखता प्रतीत हो रहा है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह ने इसे “ऐतिहासिक” और “महिला स्वाभिमान को बढ़ाने वाला” बजट बताया है। मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि इस बजट में चिकित्सा, शिक्षा और कृषि जैसे मौलिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों, विशेषकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के हित का विशेष रूप से ख्याल रखा गया है। बजट की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख करते हुए श्रीमती सिंह ने बताया, “राज्य के प्रत्येक पंचायत में गरीब कन्याओं के विवाह हेतु कन्या विवाह मंडप की स्थापना का प्रावधान निश्चित रूप से एक ऐतिहासिक पहल है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपनी बेटियों की शादी सम्मानजनक और सुसज्जित तरीके से करने में सक्षम होंगे। महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए अन्य महत्वपूर्ण कदमों में, कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावासों की व्यवस्था, महिला वाहन प्रशिक्षकों द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना और सभी जिलों में ‘पिंक बस’ सेवा का प्रावधान शामिल है। इन ‘पिंक बसों’ में ड्राइवर और कंडक्टर दोनों पद महिलाओं द्वारा ही संभाले जाएंगे।
“महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित और सम्मानजनक अनुभव प्रदान करने के लिए पिंक बस सेवा एक अभिनव प्रयास है। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक गौरवान्वित करने वाला कदम है,” श्रीमती सिंह ने कहा। इसके अतिरिक्त, बजट में महिलाओं के लिए पिंक शौचालयों का निर्माण और पटना में विशेष महिला हाट की स्थापना जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, जो महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने में सहायक होंगे। मंत्री लेशी सिंह ने इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह बजट बिहार की महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण के लिए एक नया अध्याय साबित होगा। नीतीश सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है।”



