♦ प्रतिनिधि, लखनऊ: MS Dhoni: IPL आईपीएल 2025 के 30वें मुकाबले में क्रिकेट के ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी ने उम्र को धता बताते हुए ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि महानता का कोई समय या उम्र नहीं होता। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच हुए इस हाईवोल्टेज मुकाबले में धोनी ने मैच के आखिरी ओवरों में वो करिश्मा कर दिखाया, जिसके लिए वह सालों से जाने जाते रहे हैं। लक्ष्य का पीछा करते हुए जब टीम को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, तब धोनी सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे और महज 11 गेंदों में 26 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट रहा 236.36 और उन्होंने चार चौके और एक गगनचुंबी छक्का लगाकर स्टेडियम में मौजूद हज़ारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
धोनी की यह पारी न सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स को जीत दिलाने में निर्णायक साबित हुई, बल्कि उन्होंने इसके साथ एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। 43 साल और 282 दिन की उम्र में ‘मैन ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड जीतकर वह आईपीएल इतिहास में यह खिताब पाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड प्रवीण तांबे के नाम था, जिन्होंने 2014 में 42 साल की उम्र में दो बार यह अवॉर्ड अपने नाम किया था।
धोनी का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि अब जबकि उनके संन्यास की अटकलें लगातार लगाई जा रही हैं, उन्होंने अपने बल्ले से यह जता दिया कि उनका अनुभव, फिटनेस और मैच को खत्म करने की क्षमता आज भी किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं है। आईपीएल में अब तक खेले गए 271 मैचों में माही ने 5373 रन बनाए हैं, जिसमें 24 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी बल्लेबाजी औसत 39.22 रही है और उनके बल्ले से कुल 373 चौके और 260 छक्के निकले हैं।
मैच के बाद फैंस और क्रिकेट पंडितों ने धोनी की तारीफों के पुल बांध दिए। सोशल मीडिया पर ‘थाला’ ट्रेंड करने लगा और हर कोई इस लीजेंड को सलाम करता दिखा। माही ने एक बार फिर दिखा दिया कि जब बात दबाव में प्रदर्शन करने की हो, तो उम्र मायने नहीं रखती—बस इरादा और आत्मविश्वास मायने रखता है। चेन्नई की इस जीत के साथ ही धोनी ने ना सिर्फ दो अहम पॉइंट्स टीम को दिलाए, बल्कि फैंस को भी यह यकीन दिलाया कि क्रिकेट के इस ‘फिनिशर’ की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।



