Pahalgam Terror Attack Latest Update: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 लोगों की जान गई और 20 अन्य घायल हुए, के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त और बहुआयामी जवाबी कार्रवाइयां शुरू की हैं। इस हमले को द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF), जो लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन है, ने अंजाम दिया था। भारत ने इसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का परिणाम बताते हुए डिजिटल, कूटनीतिक, आर्थिक और सामरिक मोर्चों पर कड़े कदम उठाए हैं।
पहलगाम हमले का विवरण
पहलगाम के बायसरण मीडो, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, में मंगलवार दोपहर 5-6 आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में 25 भारतीय और 1 नेपाली नागरिक मारे गए। यह 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी में सबसे घातक नागरिक हमला था। हमले की जिम्मेदारी लेते हुए TRF ने दावा किया कि यह कश्मीर में भारत की नीतियों के खिलाफ “प्रतिशोध” था। भारत ने इस हमले को सीमा पार आतंकवाद का परिणाम बताते हुए पाकिस्तान को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
भारत की पांच सूत्री जवाबी कार्रवाई
23 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ निम्नलिखित पांच बड़े कदमों की घोषणा की:
- सिंधु जल संधि का निलंबन: 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई सिंधु जल संधि, जो पाकिस्तान को 39 अरब क्यूबिक मीटर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करती थी, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने कहा, “जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता, यह निलंबन जारी रहेगा।”
- अटारी-वाघा बॉर्डर बंद: भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र सक्रिय भूमि सीमा चौकी अटारी-वाघा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया। यह व्यापार और लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण थी, और इसका बंद होना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डालेगा।
- राजनयिक संबंधों में कटौती: भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को पर्सोना नॉन ग्राटा घोषित कर सात दिन में देश छोड़ने का आदेश दिया। साथ ही, भारत ने इस्लामाबाद में अपने सैन्य सलाहकारों को वापस बुलाने का फैसला किया। दोनों देशों के उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या को 55 से घटाकर 30 करने का निर्णय लिया गया, जो 1 मई 2025 से लागू होगा।
- SAARC वीजा छूट योजना रद्द: पाकिस्तानी नागरिकों के लिए SAARC वीजा छूट योजना (SVES) को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया। इससे पाकिस्तानी नागरिकों का भारत में प्रवेश और कठिन हो जाएगा।
- डिजिटल स्ट्राइक: भारत ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक X अकाउंट (@GovtofPakistan) को भारत में सस्पेंड करवा दिया। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुरोध पर X ने इस अकाउंट को “राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था” के लिए खतरा मानते हुए ब्लॉक कर दिया। भारतीय उपयोगकर्ताओं को अब इस अकाउंट पर “Account Withheld” का संदेश दिखाई देता है।
भारत की सैन्य और खुफिया तैयारी
पाकिस्तान की ओर से 24-25 अप्रैल 2025 को सतह से सतह मिसाइल टेस्ट और नौसैनिक अभ्यास की घोषणा के बाद भारत ने अपनी सैन्य और खुफिया तैयारियों को और तेज कर दिया है। भारतीय नौसेना ने मिग-29 से लैस एयरक्राफ्ट कैरियर को अरब सागर में तैनात किया है, जो पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। रॉ और आईबी सहित खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और सीमा पर किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। गृह मंत्रालय में रॉ और आईबी प्रमुखों की गृह सचिव के साथ उच्चस्तरीय बैठकें चल रही हैं।
भारत का कड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा, “आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अटल है। हम हर उस ताकत को जवाब देंगे, जो हमारे नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती देती है।” गृह मंत्री अमित शाह ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “पाकिस्तान को हर मोर्चे पर जवाब दिया जाएगा। यह हमला भारत की संप्रभुता पर हमला है, और हम चुप नहीं बैठेंगे।”
रक्षा विश्लेषक लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “भारत का यह रुख स्पष्ट करता है कि आतंकवाद का कोई भी रूप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डिजिटल स्ट्राइक और कूटनीतिक कदम वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति का हिस्सा हैं।”
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका और यूरोपीय संघ ने पहलगाम हमले की निंदा की और भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की प्रतिबद्धता जताई। हालांकि, भारत की जवाबी कार्रवाइयों, खासकर सिंधु जल संधि के निलंबन पर उनकी प्रतिक्रिया सतर्क रही है। भारत ने विश्व बैंक को संधि निलंबन के कारणों से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और घबराहट
पाकिस्तान ने भारत के कदमों को “आक्रामक” और “गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि पहलगाम हमले से इस्लामाबाद का कोई संबंध नहीं है और भारत इसे “राजनीतिक लाभ” के लिए इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि, पाकिस्तान द्वारा मिसाइल टेस्ट और नौसैनिक अभ्यास की घोषणा को विश्लेषक उसकी घबराहट और जवाबी दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।



