भागलपुर: भागलपुर नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण-2026 की तैयारी में जुट गया है और अप्रैल में आने वाली केंद्रीय टीम से पहले शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए कड़े नियम लागू कर रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2016 के सख्त अनुपालन के तहत ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों (जैसे बूढ़ानाथ मंदिर आदि) और सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक कचरा फेंकने, नदी-नालों के किनारे डंप करने या खुले में जलाने पर 5000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
खुले में थूकने पर 100 रुपये का दंड निर्धारित किया गया है, क्योंकि शहर रेड स्पाट मुक्त घोषित है और टीमें मौके पर ही कार्रवाई करेंगी। सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए निगम ने 1600 रुपये शुल्क पर सुविधा उपलब्ध कराई है, लेकिन खुले में फीकल स्लज (मानव मल, मूत्र आदि) फेंकने पर 1600 रुपये और खुले नाला-नालों या जल स्रोतों में मल-कीचड़ डालने पर 2500 रुपये का जुर्माना लगेगा।
निजी सफाई वाहनों को भी पंजीकरण अनिवार्य है। निगम ने आमजन से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, स्वच्छता अभियान में सहयोग दें और भागलपुर को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग दिलाने में योगदान दें।



