सहरसा: कोसी क्षेत्र में सजावटी (अलंकारी) मछलियों की बढ़ती मांग को देखते हुए मत्स्य विभाग ने सहरसा जिले में दो नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे स्थानीय लोग और शौकिया मत्स्यपालक उचित मूल्य पर मछली प्राप्त कर सकेंगे। इन इकाइयों में गोल्डफिश, क्लाउन फिश, फाइटर फिश, गुप्पी समेत कुल 20 प्रकार की रंगीन मछलियों का उत्पादन होगा, जिन्हें पांच रुपये से लेकर 100 रुपये प्रति पीस की दर से बेचा जाएगा।
परियोजना की प्रत्येक इकाई की लागत लगभग तीन लाख रुपये है, जिसमें पुरुष लाभुकों को 40 प्रतिशत और महिला लाभुकों को 60 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। विभाग का उद्देश्य न केवल उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और सहरसा कोसी क्षेत्र को सजावटी मछली उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाना भी है।
इसके साथ ही, मत्स्य विभाग लाभुकों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान करेगा ताकि उत्पादन और विपणन दोनों सुचारु रूप से चल सके। आने वाले वर्षों में मांग और उत्पादन की स्थिति के आधार पर इन इकाइयों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, जिससे स्थानीय बाजार के साथ-साथ अन्य प्रदेशों में भी मछली आपूर्ति की जाएगी। जिला मत्स्य पदाधिकारी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि इस पहल से क्षेत्र के मत्स्यपालकों और शौकिया उपभोक्ताओं दोनों को लाभ मिलेगा और स्थानीय स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।



