पूर्णिया, विधि संवाददाता: शनिवार को इस वर्ष के तीसरे राष्ट्र व्यापी लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसी क्रम में व्यवहार न्यायालय पूर्णिया के प्रांगण में भी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 4 हजार 569 मामलों का निष्पादन किया गया। इसमें बैंक ऋण के 934 वादों में पक्षकारों के साथ 5 करोड़ 18 लाख 86 हजार 902 रुपए में समझौता किया गया। जबकि तत्काल वसूली 2 करोड़ 66 लाख 56 हजार 902 रुपए की हुई। बीएसएनल के 29 मामलों में समझौता हुआ तथा 39 हजार 502 रुपए प्राप्त हुए। ट्रैफिक चालान के 2773 वाद में 42 लाख 77 हजार 600 रुपए वसूली हुई। आपराधिक सुलह योग्य 580 वार्ड समझौता के आधार पर समाप्त किए गए। चेक बाउंस के 14 मामले में 16 लाख लाख 56 हजार रुपए देकर के वाद समाप्त हुए। मनी रिकवरी के 104 केस में 30 लाख 66 हजार 295 रुपए देकर समाप्त किया गया। बिजली के 127 मामले में 9 लाख 47 हजार 68 रुपए। वैवाहिक बाद तलाक को छोड़कर 8 मामले का निष्पादन किया गया। वादों के निष्पादन के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूर्णिया कन्हैया जी चौधरी के निर्देश पर एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार ने 16 पीठ का गठन किया गया।
जबकि तीनों अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय धमदाहा, बायसी और बनमनखी में एक-एक पीठ का गठन किया गया था। प्रत्येक पीठ में न्यायिक पदाधिकारी के साथ-साथ पैनल अधिवक्ता भी थे। साथ ही उनके सहयोग के लिए सभी पीठ में न्यायालय कर्मी भी तैनात थे। व्यवहार न्यायालय पूर्णिया के पीठ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रमशः प्रथम नरेंद्र कुमार, तृतीय ठाकुर अमन कुमार, एक्साइज कोर्ट प्रथम के जितेश कुमार, अष्टम सुभाष चंद्र, पंचम अभिषेक रंजन, चतुर्थ विक्रम कुमार। सब-जज प्रथम प्रमोद रंजन, द्वितीय रंजय कुमार। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमति राधा कुमारी। अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमति श्वेता शारदा। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी क्रमशः राहुल प्रकाश, मिस पल्लवी, श्रीमति स्निग्धा, अमित कुमार, प्रदीप कुमार रवि, मिस सुवर्णा नारायण।

पैनल अधिवक्ताओं में क्रमशः रंजीत कुमार चौधरी, राजीव कुमार, रुखसार तरन्नुम, राजीव कुमार, ममनून आलम, लक्ष्मण प्रसाद, सरस्वती कुमारी, अमित कुमार, सुतापा सहा, किशोर कुमार पाठक, मोहम्मद कासिफ़ नदीम, महेश चंद द्विवेदी, मनोज कुमार, रूबी कुमारी, वंदना कुमारी, अनिल मिश्रा ने वादों के निष्पादन में अहम भूमिका निभाई। पक्षकारों की सुविधा के लिए व्यवहार न्यायालय प्रांगण में जगह-जगह पर पांच हेल्प डेस्क बनवाए गए थे। प्रत्येक हेल्प डेस्क में पारा विधिक स्वयंसेवक तैनात थे। जो पक्षकारों को मदद कर रहे थे और उन्हें सही जगह पहुंचने में सहयोग कर रहे थे। पक्षकारों की सुविधा के लिए जगह-जगह स्वच्छ पेय जल की भी व्यवस्था की गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने हेतु महिला एवं पुरुष पुलिस बल भी तैनात थे। व्यवहार न्यायालय के पास की सड़कों पर काफी भीड़ देखी गई। इतना ही नहीं चाय नाश्ते की दुकान में भी पक्षकारों की काफी भीड़ थी।



