Agra News : समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन के आगरा स्थित आवास पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने दो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। यह हमला मंगलवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया था, जिसमें 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घटना के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। हमले की शुरुआत सांसद के 21 मार्च को संसद में दिए गए उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने मेवाड़ के शासक राणा सांगा को “गद्दार” कहा था। इस टिप्पणी से नाराज करणी सेना के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सुमन के हरिपर्वत क्षेत्र स्थित घर पर धावा बोला। प्रदर्शनकारियों ने बुलडोजर के साथ तोड़फोड़ की, जिसमें घर के बाहर रखी कुर्सियाँ, गेट और गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं। पथराव के दौरान पुलिस पर भी हमला हुआ, जिसमें इंस्पेक्टर हरीश पर्वत सहित 10 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
आगरा पुलिस ने बताया कि पहली FIR सांसद के बेटे रंजीत सुमन की शिकायत पर दर्ज की गई, जिसमें हमले और तोड़फोड़ का जिक्र है। दूसरी FIR पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दंगाइयों के खिलाफ दर्ज की, जिसमें पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप शामिल हैं। ACP संजीव त्यागी ने कहा, “कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और घटना की जाँच जारी है।” सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे दलित सांसद पर हमला करार दिया और सरकार पर निशाना साधा। वहीं, करणी सेना के नेता सुरजपाल सिंह अमू ने सुमन और अखिलेश से माफी की माँग की है। स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।



