प्रिंस कुमार/ अररिया
अररिया/सिकटी। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 52वीं वाहिनी द्वारा गुरुवार को सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रभक्ति का अलख जगाने हेतु भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ का आयोजन किया गया। 52वीं वाहिनी के कमांडेंट महेन्द्र प्रताप के निर्देशन में बाह्य सीमा चौकी (BOP) की ओर से आयोजित इस यात्रा में एसएसबी अधिकारियों, जवानों, स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
तिरंगे की आन-बान-शान में डूबा शहर
तिरंगा यात्रा की शुरुआत सिकटी मध्य विद्यालय से हुई। हाथों में तिरंगा थामे जवानों और छात्रों का हुजूम जब शहर की सड़कों पर निकला, तो पूरा वातावरण ‘भारत माता की जय’ और ‘वन्दे मातरम’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। इस यात्रा का उद्देश्य नागरिकों में देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करना था।
वन्दे मातरम के 150 वर्ष: गौरवशाली इतिहास से रूबरू हुए ग्रामीण
यात्रा के दौरान आयोजित जागरूकता सत्र में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम’ के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह विशेष आयोजन किया गया है। बच्चों को बताया गया कि किस प्रकार इस गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों में ऊर्जा भरने का कार्य किया था।
एकता और अखंडता का संदेश
एसएसबी के अधिकारियों ने कहा कि सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ नागरिक कल्याण और राष्ट्रीय पर्वों के प्रति जन-जागरूकता फैलाना बल की प्राथमिकता है। इस तिरंगा यात्रा ने न केवल बच्चों में जोश भरा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों में सुरक्षा और राष्ट्रवाद के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया।



