भोजपुर: Better Health फाइलेरिया को जड़ से खत्म करने की मुहिम को नई ताकत देने के लिए भोजपुर जिले में अनोखा प्रयोग शुरू हुआ है। जिले के सात प्रखंडों के 27 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर “रोगी हितधारक मंच” (पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म) का गठन किया गया है, जिसमें खुद हाथीपांव से पीड़ित मरीजों के साथ वार्ड सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, राशन डीलर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। ये सदस्य अब घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की जानकारी दे रहे हैं और आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान (MDA) में दवा खिलाने में स्वास्थ्यकर्मियों का हाथ बंटाएंगे।
शाहपुर प्रखंड की बिलौटी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सीएचओ प्रीति सिंघानिया ने बताया कि हाल में संपन्न नाइट ब्लड सर्वे में मंच के सदस्यों ने लोगों को रात में रक्त नमूना देने के लिए प्रेरित किया। अब ये सदस्य गांव-गांव जाकर बता रहे हैं कि फाइलेरिया एक बार हो जाए तो इसका पूर्ण इलाज संभव नहीं है, इसलिए हर साल फाइलेरिया-रोधी दवा जरूर खानी चाहिए। हाथीपांव से पीड़ित और मंच की सक्रिय सदस्य रूपा देवी कहती हैं, “मैंने खुद इस रोग का दर्द झेला है। कोई और यह दर्द न झेले, इसलिए मैं लोगों को समझाती हूं कि दवा जरूर खाएं। नाइट ब्लड सर्वे के लिए भी मैंने अपने गांव में घर-घर जाकर लोगों को तैयार किया। अब एमडीए में मेरे गांव का हर पात्र व्यक्ति दवा खाए, इसके लिए मैं लगातार कोशिश कर रही हूं।”

शाहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अतिउल्लाह ने बताया कि यह मंच सीएचओ की अध्यक्षता में काम करता है और इसका मुख्य उद्देश्य समुदाय में फाइलेरिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना, नए मरीजों की पहचान करना तथा उन्हें सरकारी सुविधाओं से जोड़ना है। बड़हरा, कोईलवर, चरपोखरी, शाहपुर, संदेश, आरा सदर ग्रामीण और गढ़हनी – इन सात प्रखंडों में यह प्रयोग चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जब खुद पीड़ित व्यक्ति दूसरों को बचाव का संदेश देगा, तो लोगों पर उसका असर ज्यादा होगा। इस अनूठी पहल से भोजपुर जिले में फाइलेरिया उन्मूलन की मुहिम को नई गति मिलने की उम्मीद है।

