CBIC और भारत सरकार ने पूरे बिहार से केवल एक व्यवसायी को किया विशिष्ट अतिथि घोषित | GST राजस्व में योगदान के लिए नई दिल्ली में सम्मानित, स्मृति-चिह्न और केंद्रीय अधिकारियों से हुई भेंट | पूरा परिवार और टीम साझा उपलब्धि के रूप में गौरवान्वित, नगर में ढोल-नगाड़ों और रोड शो के साथ अभिनंदन
पूर्णिया: पूर्णिया आज एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स के प्रबंध निदेशक ब्रजेश चंद्र मिश्रा 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और भारत सरकार द्वारा पूरे बिहार से एकमात्र व्यवसायी के रूप में विशिष्ट अतिथि के तौर पर सम्मानित किए गए। इस राष्ट्रीय सम्मान के दौरान उन्हें GST राजस्व में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया, और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित CBIC के प्रमुख अधिकारियों से भेंट और संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ।
इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मान में बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व केवल ब्रजेश चंद्र मिश्रा ने किया, जिससे यह उपलब्धि न केवल पूर्णिया जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बन गई। समारोह में उनके साथ उनकी पत्नी कात्यायनी मिश्रा भी मौजूद रहीं, जिन्होंने इस उपलब्धि में परिवार के सहयोग और नैतिक समर्थन की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
30 जनवरी 2026 को पूर्णिया हवाई अड्डे पर उनका आगमन नगरवासियों, व्यापारिक समुदाय और संगठन के सदस्यों द्वारा भव्य रूप से किया गया। स्वागत समारोह में ढोल-नगाड़ों, रोड शो और फूलों से स्वागत किया गया, और उन्हें भव्य अभिनंदन के माध्यम से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्या विहार ग्रुप के प्रबंध निदेशक राजेश चंद्र मिश्रा और उनकी पत्नी पल्लवी मिश्रा को भी सम्मानित किया गया।
स्वागत समारोह में संबोधन के दौरान ब्रजेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि यह उपलब्धि व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे परिवार और टीम की साझा सफलता है। उन्होंने विशेष रूप से अपने भाई श्री राजेश चंद्र मिश्रा और भाभी श्रीमती पल्लवी मिश्रा का धन्यवाद किया, जिनके मार्गदर्शन, सहयोग और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें इस उच्चतम सम्मान तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने ब्रजेश ऑटोमोबाइल्स की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संगठन की पारदर्शिता, ईमानदारी और समयबद्ध कर अनुपालन सुनिश्चित किया।
ब्रजेश चंद्र मिश्रा ने यह भी कहा कि यह सम्मान वे अपने दिवंगत पिता स्व. रमेश चंद्र मिश्रा और माता विजयलक्ष्मी मिश्रा के संस्कारों और आशीर्वाद को समर्पित करते हैं, जिनकी ईमानदारी, कड़ी मेहनत और जीवन मूल्य आज भी उनके लिए मार्गदर्शक हैं।
नगर के गणमान्य नागरिकों और व्यापारिक समुदाय ने इस उपलब्धि को ईमानदारी, अनुशासन और नियमों के पालन का प्रेरक उदाहरण बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रजेश चंद्र मिश्रा की यह सफलता पूर्णिया को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ-साथ बिहार के व्यवसाय, उद्योग और उद्यमिता जगत के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई है।



