अररिया, प्रिंस कुमार: जिले की एक विशेष अदालत ने शिक्षा के नाम पर अपराध करने वाले कोचिंग संचालक को कड़ी सजा सुनाते हुए सख्त संदेश दिया है। अररिया के एडीजे षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) अजय कुमार की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में कोचिंग संचालक अमित कुमार अमन को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 90 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला बौसी थाना क्षेत्र के बसेटी मझुआ (वार्ड संख्या-4) निवासी 30 वर्षीय अमित कुमार अमन से जुड़ा है। घटना 7 जुलाई 2023 की है, जब पीड़िता कोचिंग पढ़ने गई थी। आरोप है कि आधार कार्ड में त्रुटि सुधार का बहाना बनाकर आरोपी छात्रा को रानीगंज ले गया, जहां उसने अपने मित्र सोनू कुमार के किराए के मकान में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने इस संबंध में महिला थाना में कांड संख्या 28/2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विशेष पॉक्सो वाद संख्या 7/2024 की सुनवाई के दौरान अदालत ने भादवि की धारा 376 के तहत 10 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना, आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत 3 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना तथा आईटी एक्ट की धारा 67(A) के तहत 3 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इसके अलावा अदालत ने पीड़िता की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विक्टिम मुआवजा योजना के तहत उसे 3 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) श्याम लाल यादव ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष से अधिवक्ता अजीत राय ने दलीलें दीं। साक्ष्य और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया।



