पूर्णिया: जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व समाहरण की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें खनिज विकास पदाधिकारी ने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए 3274.22 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित है। ईंट मद में 139.46 लाख रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 91.35 लाख रुपये तथा दंड मद में 191.18 लाख रुपये की वसूली की गई है।
बताया गया कि जिले में राजस्व का प्रमुख स्रोत विभिन्न कार्य विभागों द्वारा उपयोग किए गए लघु खनिज पर देय रॉयल्टी एवं मालिकाना शुल्क है, जिसके लिए 2503.11 लाख रुपये का लक्ष्य तय है, जबकि 22 विभागों द्वारा अब तक 1897.64 लाख रुपये जमा किए गए हैं। समीक्षा के दौरान पंचायत समिति बैसा, बी. कोठी, विद्युत आपूर्ति इकाई, नगर पंचायत धमदाहा, चम्पानगर, रूपौली-बिरौली, भवानीपुर, जानकीनगर, मीरगंज, अमौर, बायसी तथा नगर परिषद कसबा द्वारा शून्य रॉयल्टी एवं मालिकाना शुल्क जमा किए जाने पर जिला पदाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कारण बताने को कहा।
साथ ही भवन निर्माण विभाग, पंचायती राज विभाग एवं राष्ट्रीय उच्च पथ प्राधिकरण द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में कम जमा राशि पर भी स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया गया। बैठक में सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत रॉयल्टी एवं मालिकाना शुल्क की कटौती सुनिश्चित कर खनन विभाग को जमा करने तथा अवैध खनन पर अंकुश के लिए नियमित छापेमारी कर दंड वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए गए।



