पूर्णिया: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कोसी-सीमांचल क्षेत्र, विशेष रूप से पूर्णिया जिले के विकास से जुड़े कई अहम संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में क्षेत्र के न्यायिक, परिवहन, कृषि, औद्योगिक, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाढ़ प्रबंधन जैसी लंबित और जरूरी परियोजनाओं का कोई उल्लेख नहीं है, जो स्थानीय विकास की दृष्टि से चिंता का विषय है।
सांसद पप्पू यादव ने सबसे पहले पूर्णिया में पटना उच्च न्यायालय की दूसरी पीठ की स्थापना की मांग उठाई, जिससे लाखों लोगों को लंबी दूरी तय किए बिना न्यायिक सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने रेलवे अवसंरचना के विस्तार की आवश्यकता भी जताई, जिसमें नई रेल लाइनों का निर्माण, विद्युतीकरण, स्टेशन आधुनिकीकरण, आरओबी-आरयूबी का निर्माण और लंबी दूरी की ट्रेनों की शुरूआत शामिल है।
अपर उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में सांसद ने एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय पैकेज, औद्योगिक क्लस्टर, साझा सुविधा केंद्र, कौशल विकास और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं की शीघ्र क्रियान्वयन की मांग की। साथ ही, कोसी नदी के बहुउद्देशीय प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण, तटबंधों को मजबूत करना, सिंचाई विस्तार, जलविद्युत परियोजनाएं और प्रभावित आबादी का पुनर्वास सुनिश्चित करने हेतु विशेष पैकेज की भी आवश्यकता पर बल दिया।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय, एम्स, आईआईटी, आईआईएम और एनआईएफटी जैसी संस्थाओं की स्थापना का प्रस्ताव रखा, जिससे कोसी-सीमांचल के युवाओं को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हों। इसके अतिरिक्त सांसद ने क्षेत्रीय सड़क निर्माण, अंतरराष्ट्रीय रेलवे गलियारे, पर्यटन सर्किट और नमामि गंगा योजना के अंतर्गत सहायक नदियों की सफाई के लिए भी विशेष निधि की मांग की।
सांसद ने स्पष्ट किया कि कोसी-सीमांचल के विकास की उपेक्षा अब स्वीकार्य नहीं है और सरकार को क्षेत्र के लिए ठोस, समयबद्ध और प्रभावी योजनाएं बनाकर कार्यान्वित करना होगा, ताकि आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के सभी क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।



