नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवन की 2023 में सोशल मीडिया पर की गई उस पोस्ट का हवाला देते हुए पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के दावे को चुनौती दी है, जिसमें प्रकाशक ने कहा था कि नरवन की संस्मरण किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और कोई प्रिंट या डिजिटल कॉपी सार्वजनिक नहीं की गई है। राहुल गांधी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में नरवन की दिसंबर 2023 की पोस्ट पढ़कर सुनाई, जिसमें उन्होंने लिखा था, “हेलो फ्रेंड्स, मेरी किताब अब उपलब्ध है। लिंक फॉलो करें। खुशी से पढ़ें। जय हिंद।” राहुल ने कहा कि या तो नरवन झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन झूठ बोल रहा है, लेकिन वे पूर्व सेना प्रमुख की बात पर विश्वास करते हैं क्योंकि एक सैन्य अधिकारी झूठ नहीं बोलेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि किताब में कुछ बयान सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “असुविधाजनक” हैं, इसलिए इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। राहुल ने कहा कि अमेजन पर किताब उपलब्ध दिख रही है और नरवन की पोस्ट से साफ है कि किताब पहले ही रिलीज हो चुकी थी, जबकि प्रकाशक अब इनकार कर रहा है। यह विवाद तब तेज हुआ जब राहुल गांधी ने संसद में किताब के अंश पढ़ने की कोशिश की, लेकिन स्पीकर ने अनुमति नहीं दी क्योंकि किताब “अप्रकाशित” बताई गई।
कांग्रेस का दावा है कि सरकार किताब को दबाने के लिए नियमों का दुरुपयोग कर रही है, जबकि भाजपा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ कदम करार दिया। प्रकाशक ने स्पष्ट किया कि उनके पास ही प्रकाशन अधिकार हैं और कोई कॉपी सार्वजनिक नहीं की गई, लेकिन राहुल गांधी ने इसे झूठ बताते हुए कहा कि पूर्व सेना प्रमुख की बात पर भरोसा किया जाना चाहिए। यह मामला संसद में हंगामे का कारण बना और राजनीतिक बहस को नई दिशा दे रहा है, जहां विपक्ष किताब के अंशों को गलवान घाटी संघर्ष से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रहा है।



