पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: महज आधा किलोमीटर सड़क के कच्ची रहने से कई पंचायतों का बरसात आते ही ना सिर्फ संपर्क भंग हो जाता है, बल्कि राहगीरों को अतिरिक्त दूरियां सहित आर्थिक क्षति भी पहुंचती है। यह बता दें कि श्रीमाता-छर्रापटी पंचायतों को जोड़नेवाली पीएमजीएसवाई सड़क के पावर सब स्टेशन के पास से पश्चिम की ओर एक कच्ची सडक जाती है, जो लगभग आधा किलोमीटर जाकर कांपघाट जानेवाली पक्की सड़क से मिलती है। आगे जाकर यह सडक कई गांवों को सीधा जोडती है। यह पांच सौ मीटर कच्ची सडक आमलोगों के लिए समस्या बनी हुई है।
जैसे ही बरसात होती है, वैसे ही यह सड़क कीचड से भर जाती है तथा यातायात प्रभावित हो जाता है। यह यातायात फरवरी माह से नवंबर माह तक प्रभावित होता रहता है। इस सड़क से गोडियरपटी श्रीमाता, लक्ष्मीपुर छर्रापटी, डोभा मिलिक, धूसर टीकापट्टी पंचायतों की लगभग पचास हजार आवादी सीधी जुड़ती हैं। इतना ही नहीं इस सडक के किनारे किसानों की धान का कटोरा कहा जानेवाला बरदेला बहियार भी है, धान की फसल घर तक पहुंचाने के लिए किसानों को काफी मानसिक परेशानी के साथ अतिरिक्त दूरी तय करने से आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ती है।
इस सड़क को जोड़ने के लिए आजतक किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान इसओर नहीं गया है। बस एमपी, एमएलए का आश्वासन ही मिलता रहता है। इस संबंध में मुखिया सुलोचना देवी, मुखिया अमीन रविदास, मुखिया पवनी देवी आदि ने सरकार से मांग की कि वह तत्काल प्रभाव से इस कच्ची सड़क का निर्माण करवाए, ताकि लोगों की परशानी दूर हो सके।



