अंग इंडिया संवाददाता/रूपौली /
कबीर मठ के मठाधीश सह टीकापटी थाना क्षेत्र के बघवा गांव निवासी नवीन दास उम्र 45 वर्ष के देहावसान से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा हो गई है । वे मधेपुरा जिला के चैसा थाना क्षेत्र के भवनपुरा कबीर मठ के मठाधीश थे, चार दिन पहले बीमार होने के बाद अपने घर बघवा लौटे थे ।
देहावसान की खबर पाकर मौके पर भवनपुरा मठ से तथा अन्य मठों से कबीरपंथी साधु-महात्मा उनके यहां पधारे तथा उनके पार्थिव शरीर को भवनपुरा मठ पर ले गये, जहां उनका अंतिम-संसकार किया गया तथा वहीं उनकी समाधि बनेगी ।

इधर स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है । मठाधीश स्व नवीन सिंह के बारे में उनकी मां तारा देवी ने रोते हुए बताया कि चार भाई-बहनों में नवीन बडा था, जो बचपन से ही वैराग्य होने के लक्षण दिखाई पडने लगे थे, वह साधु बनना चाहता था । वह 15 वर्ष की उम्र में ही साधु-संतों के साथ घुमने लगा तथा वह साधु बन गया । भवनपुरा के कबीर मठ के मठाधीश विजली दास के देहावसान के बाद वह पिछले तीन सालों से वहां उन्हें मठाधीश का पदभार मिला था, तब से वे वहीं रहकर भक्ति में लगे रहते थे ।
16 जनवरी को वहां उनकी तबियत खराब हुई तथा वे अपने घर बघवा आ गए । वे भागलपुर इलाज करवाते थे । अचानक बुधवार की सुबह लगभग चार बजे वे ब्रह्मलीन हो गए । इस बात की सूचना तत्काल मठ पर दिया गया । वहां से दर्जनों की संख्या में साधु-महात्मा यहां पधारे तथा उनके पार्थिव शरीर को लेकर भवनपुरा मठ पर लेकर चले गए । वहीं उनका अंतिम-संस्कार किया गया, इसमें बडी संख्या में गांव से भी स्वजन एवं शुभचिंतक शामिल हुए । वहीं पर उनकी समाधि भी बनेगी ।
इस अवसर पर भवनपुरा कबीर आश्रम मठ के अध्यक्ष अनिल यादव, सचिव सरयुग मंडल, कोषाध्यक्ष संजय कुमार भगत, मधुकांत मंडल, राजकिशोर चैधरी, संजय यादव, अनिल शर्मा, धर्मदेव शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, डाॅ रवीन शर्मा, अशोक शर्मा, श्रीकांत दास, दशरथ दास सहित सैकडो की संख्या में मठ के साधु-महात्मा शवदाह वाहन के साथ पधारे थे ।



