PURNEA NEWS : भगवान श्री राम भगवान के अवतार ही नही थे बल्कि उनका जीवन चरित्र भारतीय सभ्यता, संस्कृति और परम्परा का दर्शन है। इसी दर्शन को अपने जीवन मे आत्मसात करने की जरूरत है।इसी दर्शन में राम राज और समतामूलक समाज का निर्माण समाहित है। उनके जीवन दर्शन में क्षमा, मित्रता, दृढ़ इच्छाशक्ति, धैर्य, अन्याय के खिलाफ संघर्ष, भाई- पुत्र और पति की भूमिका शामिल है।आपको तय करना है कि आप श्री राम के जीवन दर्शन से क्या सीखना चाहते हैं।उक्त बातें पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा ने सोमवार को बिभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा आयोजित रामनवमी शोभा यात्रा में शामिल होने के बाद कही। श्री कुशवाहा ने कहा कि भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम इसलिए कहलाए कि उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र में मर्यादा का पालन किया।
श्री कुशवाहा ने कहा कि रामनवमी असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। सीमांचल की यह धरती मिल्लत और भाईचारे की धरती रही है, यह परम्परा बरकरार रहे , यही रामनवमी की सार्थकता होगी।श्री कुशवाहा मधुबनी से निकलने वाली शोभायात्रा से पहले आदि शक्ति युवा संघ ख़ुश्की बाग, विश्व युवा हिन्दू वाहिनी नया टोला और रामबाग शोभायात्रा समिति के कार्यक्रम में भी शामिल हुए।वहीं , मधुबनी से निकलने वाली शोभा यात्रा में शामिल रहे और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से मिलकर उन्हें रामनवमी की शुभकामनाएं दिया।इस मौके पर जेडीयू जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार सिंह, संजय राय, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश कुमार, प्रखण्ड प्रमुख रितेश कुमार, जेडीयू युवा जिलाध्यक्ष राजू मण्डल, भोला कुशवाहा,अविनाश कुशवाहा, कन्हैया ,चंदन मजूमदार,राजेश गोस्वामी आदि मौजूद थे।



