एजेंसी: मिनियापोलिस में संघीय एजेंटों द्वारा दो अमेरिकी नागरिकों की हत्या ने अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की आलोचना तेज कर दी है। इस घटनाक्रम के बाद लिंक्डइन के को-फाउंडर रीड हॉफमैन ने टेक इंडस्ट्री के नेताओं को खुलेआम चेताया कि उन्हें ट्रंप प्रशासन की ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटना चाहिए।
हॉफमैन ने एक लेख में लिखा कि सिलिकॉन वैली के टेक लीडर्स ने अब तक ट्रंप प्रशासन की कार्रवाइयों पर खुलकर बोलने से परहेज़ किया है। उनका कहना है:
“हम ट्रंप के सामने घुटने नहीं टेक सकते। हम पीछे नहीं हट सकते और यह उम्मीद नहीं कर सकते कि संकट अपने आप खत्म हो जाएगा।”
हॉफमैन की यह चेतावनी अमेरिका में बढ़ते असंतोष और गुस्से के बीच आई है। मिनियापोलिस में हुई रेनी गुड और एलेक्स प्रीटी की हत्याओं ने प्रशासन के खिलाफ माहौल को और भी गर्म कर दिया है, और व्हाइट हाउस को अपनी प्रतिष्ठा बचाने में मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सिलिकॉन वैली के अन्य दिग्गजों ने भी इस घटना की निंदा की है। गूगल के चीफ साइंटिस्ट जेफ डीन ने हत्या का फुटेज “बेहद शर्मनाक” बताया, जबकि वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला और पॉल ग्राहम ने भी इसे लेकर कड़ा विरोध जताया।
विश्लेषकों का कहना है कि हॉफमैन जैसे प्रभावशाली टेक लीडर्स की चेतावनी ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ाने और टेक इंडस्ट्री को सामाजिक-राजनीतिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित कर सकती है।



