अररिया, प्रिंस कुमार: जिले में अवैध रूप से चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी (DM) द्वारा गठित एक विशेष टीम ने मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों में औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे एक नर्सिंग होम, दो क्लिनिक और तीन जांच घरों (पैथोलॉजी लैब) को सील कर दिया गया।
छापेमारी के दौरान मची अफरातफरी
प्रशासनिक टीम जैसे ही शहर के बापू मार्केट और खलीलाबाद इलाकों में पहुँची, अवैध संचालकों के बीच हड़कंप मच गया। टीम को देखते ही कई नर्सिंग होम और जांच केंद्रों के संचालक अपने प्रतिष्ठानों के शटर गिराकर मौके से फरार हो गए।
बिना डॉक्टर के हो रही थी सर्जरी, मरीज को किया गया रेस्क्यू
खलीलाबाद स्थित एक नर्सिंग होम में छापेमारी के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया। वहाँ एक सिजेरियन (ऑपरेशन) मरीज मौजूद था, जिसे एक कर्मचारी दवा समझा रहा था, जबकि मुख्य चिकित्सक और अन्य स्टाफ मौके से नदारद थे।
टीम ने जब मौजूद कर्मचारी से संचालन से जुड़े वैध कागजात मांगे, तो कोई भी दस्तावेज पेश नहीं किया जा सका। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उसे तत्काल सदर अस्पताल स्थानांतरित कराया और नर्सिंग होम को सील कर दिया।
स्वास्थ्य सचिव के निर्देश पर हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव के पत्र के आलोक में की गई है। जिले में बिना निबंधन और बिना योग्य चिकित्सकों के चल रहे क्लीनिकों पर लगाम कसने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
जांच टीम में शामिल मुख्य अधिकारी
इस विशेष छापेमारी दल में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अनुभवी अधिकारी शामिल थे: वरीय उप समाहर्ता: अभिजीत कुमार, एसडीसी: चंद्रशेखर यादव, चिकित्सा पदाधिकारी: डॉ. प्रह्लाद कुमार (प्रभारी, अररिया), डॉ. दीपक कुमार सिंह (नरपतगंज), डॉ. रोहित कुमार झा (रानीगंज), पुलिस बल: नगर थाना के जवान



