एजेंसी: पाकिस्तान की जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सराजुल हक ने भारत को संबोधित करते हुए एक मजबूत राजनीतिक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में पाकिस्तानी जनता उन ताकतों को ‘लाल कार्ड’ दिखाएगी जो ‘हेगेमोनी’ (प्रभुत्व) और क्षेत्रीय दबदबे की नीति पर चल रही हैं। सराजुल हक ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान की जनता अब किसी भी बाहरी दबाव या क्षेत्रीय वर्चस्व की राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के लोग अब ‘स्वतंत्र विदेश नीति’ और ‘क्षेत्रीय संप्रभुता’ के पक्ष में हैं, जिसे वे चुनावों के माध्यम से साबित करेंगे।
बयान में भारत का नाम लिए बिना ‘हेगेमोनी’ शब्द का इस्तेमाल ऐसे समय में किया गया है जब दोनों देशों के बीच तनाव और कूटनीतिक गतिरोध बना हुआ है। जमात प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान अब किसी भी देश की ‘बड़ी भाई’ वाली मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगा और अपनी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूत कदम उठाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे नेताओं को चुनें जो ‘राष्ट्रीय गरिमा’ और ‘स्वतंत्र नीति’ पर अडिग रहें। यह बयान पाकिस्तान में चुनावी माहौल के बीच आया है, जहां विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि सराजुल हक का यह संदेश न केवल घरेलू राजनीति के लिए है, बल्कि पड़ोसी देशों को भी एक तरह का राजनीतिक संकेत देता है। जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान की प्रमुख धार्मिक-राजनीतिक पार्टियों में से एक है, जो अक्सर विदेश नीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर मुखर रहती है। इस बयान ने दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक चर्चाओं को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।



