पूर्णिया को MSME औद्योगिक हब बनाने को लेकर सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से की अहम मुलाकात

पूर्णिया के सर्वांगीण औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने पूर्णिया को MSME औद्योगिक हब घोषित करने, ISI प्रमाणन एवं परीक्षण प्रयोगशाला, प्रौद्योगिकी केंद्र तथा निर्यात क्लस्टर की स्थापना हेतु तत्काल सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। सांसद ने कहा कि यह पहल न केवल पूर्णिया, बल्कि पूरे सीमांचल और पूर्वी बिहार के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देगी।

सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा सांसद के रूप में पूर्णिया के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पूर्णिया आज बिहार का दूसरा सबसे बड़ा उभरता औद्योगिक केंद्र बन चुका है। हाल के वर्षों में अडानी समूह सहित करीब 28 कंपनियों द्वारा ₹400 करोड़ से अधिक का निवेश किया गया है। फूड प्रोसेसिंग, मखाना (गखाना) प्रसंस्करण और अन्य कृषि आधारित उद्योगों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक क्षमता का पूरा दोहन अब तक नहीं हो सका है।

उन्होंने पूर्णिया की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को रेखांकित करते हुए बताया कि यह क्षेत्र पूर्वी भारत का एक प्रमुख व्यापारिक द्वार बन सकता है। यहां तीन राष्ट्रीय राजमार्गों का संगम है, जो पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंच का मुख्य मार्ग प्रदान करता है। नेपाल, भूटान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों की निकटता इसे निर्यात के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। साथ ही पूर्णिया–पटना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित एयरपोर्ट और बियाडा मरंगा में प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क जैसे प्रोजेक्ट बुनियादी ढांचे को और मजबूत कर रहे हैं।

सांसद ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि क्षेत्र में कुशल श्रमशक्ति, पर्याप्त जल संसाधन और कच्चे माल की उपलब्धता है, जो SMR आधारित उद्योगों, फूड प्रोसेसिंग और डेटा सेंटर जैसे आधुनिक क्षेत्रों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। इन सभी संसाधनों को एकीकृत करते हुए पूर्णिया को एक पूर्ण विकसित MSME हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे स्थानीय उद्यमिता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

प्रस्ताव के तहत पूर्णिया में ISI प्रमाणन एवं परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने की मांग की गई है, जिससे फूड, मखाना, सीमेंट और अन्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाया जा सके। इसके अलावा PPP मोड में एक आधुनिक प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया है, जहां उन्नत विनिर्माण तकनीक, डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम संचालित हों। इससे लगभग 15,000 से अधिक MSME इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा और करीब 3 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है।

सांसद पप्पू यादव ने यह भी आग्रह किया कि ZED 2.0 प्रमाणीकरण, PM विश्वकर्मा योजना और MSME हैकाथॉन के माध्यम से SC/ST एवं महिला उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता दी जाए। कोल्ड चेन, क्रेट सेंटर और एकल खिड़की प्रणाली लागू होने से लगभग ₹1,000 करोड़ तक का नया निवेश आकर्षित किया जा सकता है। उनके अनुसार, इन सभी पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन से पूर्णिया पूर्वी भारत का एक प्रमुख निर्यात एवं लॉजिस्टिक हब बन सकता है, जिससे आने वाले वर्षों में बिहार की GDP में ₹5,000 करोड़ तक का अतिरिक्त योगदान और 2 से 3 लाख रोजगार अवसरों का सृजन संभव है।

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