नालंदा, वीरेंद्र कुमार: नालंदा जिले में इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 का शुभारंभ 2 फरवरी से हुआ, जो 13 फरवरी तक दो पालियों में संपन्न होगी। इस बार जिले में कुल 40 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 44,352 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जिनमें 23,132 छात्र और 21,220 छात्राएं शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों का वितरण इस प्रकार है: बिहार शरीफ में 31 केंद्र, राजगीर में 4 केंद्र और हिलसा में 5 केंद्र। छात्राओं के लिए 18 और छात्रों के लिए 22 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त कराने के लिए प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जूता-मोजा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक केंद्र पर दंडाधिकारी, पुलिस बल, गश्ती दल और उड़नदस्ता तैनात किए गए हैं, साथ ही सभी केंद्रों की सीसीटीवी निगरानी की जा रही है।
हालांकि, पहले ही दिन प्रशासन की तैयारियों में खामियां सामने आईं। बिहार शरीफ स्थित किसान कॉलेज परीक्षा केंद्र पर कई छात्राएं ट्रैफिक जाम के कारण समय पर नहीं पहुँच पाईं। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद गेट बंद कर दिए गए, जिससे घबराई छात्राओं ने दीवार फांदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया। इस दौरान कई छात्राएं रोती-बिलखती नजर आईं, और माहौल तनावपूर्ण हो गया। अभिभावकों और परीक्षार्थियों ने बताया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है और समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
अनुमंडल पदाधिकारी अनीता सिन्हा ने बताया कि परीक्षा के पहले दिन कुल छात्रों में केवल 18 छात्राएं अनुपस्थित रहीं, जिनमें 13 बिहार शरीफ और 5 अन्य केंद्रों में थीं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की सुचारू व्यवस्था के लिए सभी सुरक्षा और निगरानी तंत्र कार्यरत हैं और किसी भी स्थिति में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। पहले दिन की यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि भले ही सुरक्षा और निगरानी पर जोर दिया गया हो, लेकिन प्रवेश व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता है, ताकि छात्रों को परीक्षा में शामिल होने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।



