हैदराबाद: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग करते हुए हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत का आधार असम भाजपा के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर 7 फरवरी 2026 को पोस्ट किया गया एक वीडियो है, जिसे बाद में डिलीट कर दिया गया लेकिन सोशल मीडिया पर अब भी वायरल है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि वीडियो में सरमा को बंदूक लिए दिखाया गया है और वे मुस्लिमों के रूप में चित्रित दो व्यक्तियों पर “पॉइंट ब्लैंक शॉट” मारते दिख रहे हैं, साथ ही “No Mercy” जैसे कैप्शन इस्तेमाल किए गए हैं, जो धार्मिक भावनाओं को आहत करने, सांप्रदायिक द्वेष फैलाने और हिंसा भड़काने वाला कृत्य है।
उन्होंने कहा कि सरमा हाल के महीनों में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जानबूझकर नफरत भरे बयान दे रहे हैं, जो हिंदू-मुस्लिम एकता को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के शाहीन अब्दुल्ला मामले के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस को नफरत भरे भाषणों पर स्वत: संज्ञान लेना चाहिए और कोई औपचारिक शिकायत न होने पर भी कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा यह कर्तव्य की गंभीर चूक होगी। असम कांग्रेस ने भी भाजपा के खिलाफ अलग शिकायत दर्ज कराई है।
सरमा ने कहा कि उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं है और वे बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ अपनी बात पर अडिग हैं, गिरफ्तारी की मांग पर वे जेल जाने को तैयार हैं। वीडियो में सरमा को राइफल लिए मुस्लिमों के चित्रों पर “शॉट” मारते दिखाया गया था, जिसे विपक्ष ने हिंसा भड़काने वाला बताया। यह विवाद असम में सांप्रदायिक तनाव और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और बढ़ा सकता है, जहां ओवैसी ने इसे “जेनोसाइडल” हेट स्पीच करार दिया है। पुलिस ने अभी FIR दर्ज नहीं की है लेकिन जांच जारी है।



