पटना: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को मंगलवार (10 फरवरी 2026) को पटना के MP-MLA कोर्ट से जमानत मिल गई है, जो 1995 के एक पुराने धोखाधड़ी मामले से जुड़ा है जिसमें उन पर मकान मालिक को धोखे से किराए पर मकान लेकर कब्जा करने का आरोप था। पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज इस मामले में शुक्रवार की देर रात पप्पू यादव की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन आज दोपहर करीब 12:30 बजे कोर्ट में पेशी के बाद 2 बजे के आसपास सुनवाई हुई और उन्हें जमानत मिल गई। हालांकि, रिहाई में अभी भी असमंजस है क्योंकि एक अन्य मामले में उन्हें रिमांड पर लिया गया है और बुधवार को उस मामले में जमानत की सुनवाई होनी है।
कोर्ट में पेशी के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश है और वे नीट छात्रा की मौत के मामले में लगातार आवाज उठा रहे थे, जिससे कुछ ताकतें नाराज हैं। जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई टल गई थी क्योंकि सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी और कोर्ट का कामकाज रोक दिया गया था। अगर सोमवार को जमानत मिल जाती तो आज वे बाहर होते। मामले में अदालत ने पहले कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था और गिरफ्तारी वारंट भी था।
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को पीएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था और फिर बेउर जेल के अस्पताल वार्ड में रखा गया था। उनके समर्थकों में जमानत मिलने से खुशी है, लेकिन रिहाई की तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है क्योंकि दूसरे मामले में रिमांड चल रहा है। पप्पू यादव ने गिरफ्तारी के समय भी कहा था कि यह साजिश है क्योंकि वे नीट छात्रा की मौत के मामले में सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा रहे थे। यह घटना बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है, जहां सांसद की गिरफ्तारी और जमानत को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।



