नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से अपील की है कि सदन में निलंबित आठ विपक्षी सांसदों की सजा पर पुनर्विचार किया जाए ताकि संसद सुचारू रूप से चल सके और विपक्ष को बोलने का पूरा मौका मिले। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी स्पीकर को औपचारिक पत्र लिखकर निलंबित सांसदों की सजा की समीक्षा की मांग करेगी, क्योंकि चुने हुए सांसद करोड़ों नागरिकों का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी आवाज को मनमाने तरीके से दबाया नहीं जा सकता।
टीएमसी ने सोशल मीडिया पर भी बयान जारी कर कहा कि “विपक्ष की आवाज को दबाकर चलने वाली संसद वास्तव में चल नहीं रही है” और सरकार को सदन चलाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। यह अपील ऐसे समय में आई है जब लोकसभा में पिछले कई दिनों से हंगामा जारी है और विपक्षी सांसदों को बोलने का समय नहीं दिया जा रहा, जिसके विरोध में सदन बार-बार स्थगित हो रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है लेकिन सांसदों को बोलने का अवसर न देना लोकतंत्र के खिलाफ है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सरकार सवालों से बच रही है और जवाब देने की बजाय आवाज दबाने का रास्ता चुन रही है। टीएमसी ने स्पीकर से अपील में लोकतांत्रिक संतुलन बहाल करने और सदन को सुचारू बनाने की मांग की है, जबकि कांग्रेस ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी की है। यह कदम विपक्ष की एकजुटता दिखाता है और संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने की कोशिश है।



