नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में आज (4 फरवरी 2026) शाम 5 बजे लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना तय था, लेकिन विपक्ष के जोरदार हंगामे और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के विवादित बयानों के कारण उनका भाषण टल गया। सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई और अब कल सुबह 11 बजे तक के लिए टाल दी गई है। घटना की पूरी कहानी कुछ इस तरह है: सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगर उनके सदस्यों (खासकर राहुल गांधी) को बोलने नहीं दिया गया तो विपक्ष सत्ता पक्ष को भी नहीं बोलने देगा।
इसके बाद विपक्षी सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की और निशिकांत दुबे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने सदन में किताबें दिखाते हुए नेहरू-इंदिरा गांधी परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं (जैसे गद्दारी, मक्कारी, भ्रष्टाचार आदि का जिक्र)। शाम 5 बजे जब सदन फिर शुरू हुआ, तो पी.पी. चौधरी राष्ट्रपति अभिभाषण पर बोलने लगे, लेकिन तुरंत विपक्षी सदस्य (खासकर महिला सांसदें) जनरल नरवणे की किताब का बैनर लेकर वेल में पहुंच गए और पीएम मोदी की कुर्सी की ओर बढ़ने लगे। सत्ता पक्ष के सांसद भी उनके सामने आ गए, जिससे अप्रिय स्थिति बनने लगी। मॉर्शलों (खासकर महिला मॉर्शल) को अलर्ट किया गया। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदन को गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी सदन में आने वाले थे, लेकिन हंगामा बढ़ने से भाषण टालना पड़ा। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पीकर से मुलाकात की और निशिकांत दुबे को भी बुलाया गया। प्रियंका गांधी ने बाद में कहा कि “पीएम मोदी डर गए, इसलिए नहीं आए” और निशिकांत दुबे-रेल मंत्री को “बुलेट ट्रेन की तरह भागते” बताया। राज्यसभा में कार्यवाही सुचारू रही, लेकिन लोकसभा में यह टकराव जारी रह सकता है। अब देखना है कि कल पीएम मोदी कब और कैसे जवाब देते हैं, क्योंकि विपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका मांग रहा है और निशिकांत दुबे विवाद पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।



