पटना: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के बीच हुई हालिया मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
इस बातचीत को केवल शिष्टाचार भेंट मानने के बजाय संभावित राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब देश की राजनीति नए समीकरणों की ओर बढ़ रही है। कभी नरेंद्र मोदी के साथ करीबी राजनीतिक रिश्ते साझा करने वाले वाघेला का अनुभव और पीके की चुनावी समझ, दोनों का मेल भविष्य की किसी बड़ी राजनीतिक पहल का संकेत माना जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात गुजरात ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी आने वाले समय में अहम बदलावों की भूमिका तैयार कर सकती है, जिससे सियासी हलचल और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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