अंग इंडिया संवाददाता: पूर्णिया, 14 जनवरी 2026। विधायक विजय खेमका द्वारा पूर्णिया कला भवन में आयोजित मकर संक्रांति महोत्सव इस वर्ष केवल एक पर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, सनातन चेतना और सामाजिक समरसता का भव्य महोत्सव बनकर उभरा। पूरा पंडाल राष्ट्रप्रेरणा से ओत-प्रोत नजर आया, जहां केंद्र में स्थापित भारत माता की भव्य एवं मनोहारी तस्वीर विशेष आकर्षण का केंद्र रही। एक हाथ में तिरंगा और दूसरे हाथ में भगवा ध्वज लिए भारत माता की प्रतिमा यह संदेश दे रही थी कि देश अपनी सांस्कृतिक जड़ों के साथ तिरंगे के सम्मान में एकजुट है और विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर है।
पंडाल के चारों ओर स्वाधीनता संग्राम के महानायकों और राष्ट्रनिर्माताओं की तस्वीरें एवं उनके प्रेरक विचार प्रदर्शित किए गए थे। इन चित्रों ने विशेष रूप से युवाओं में राष्ट्रप्रेम, त्याग और सेवा की भावना को जागृत किया। कार्यक्रम में नारी शक्ति और मातृ शक्ति की भूमिका को भी प्रमुखता से दर्शाते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे शंख ध्वनि के साथ हुआ। विधायक विजय खेमका ने साधु-संतों, धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में तिरंगा पतंग एवं भगवा गुब्बारे आकाश में उड़ाकर मकर संक्रांति महोत्सव तथा दही-चूड़ा भोज का विधिवत शुभारंभ किया।
दही-चूड़ा भोज में भाजपा, एनडीए सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, मातृशक्ति तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। विधायक विजय खेमका ने स्वयं पंक्ति में खड़े होकर लोगों के बीच दही-चूड़ा और तिलकुट परोसा और सभी को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।
मकर संक्रांति के इस महाकुंभ अवसर पर विधायक ने पूर्णिया की जनता, कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से नारी शक्ति के प्रति आभार व्यक्त किया। महोत्सव देर शाम तक उल्लास, सौहार्द और उत्साह के साथ चलता रहा तथा यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति और विकसित पूर्णिया के संकल्प का प्रभावी संदेश देता रहा।



