अंग इंडिया संवाददाता/पूर्णिया/
बिहार के पूर्णिया जिले के लिए गर्व का क्षण सामने आया है, जब मिथिला मखाना की पहली खेप दुबई के लिए रवाना हुई और इस उपलब्धि को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्वयं सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर टैग कर सराहा। यह खेप पूर्णिया के के.नगर प्रखंड स्थित चहक फूड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्यात की गई है।
पूर्णिया से GI टैग प्राप्त मिथिला मखाना का दुबई को पहला समुद्री निर्यात, किसानों की मेहनत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।@APEDADOC के सहयोग से बिहार निरंतर आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि किसानों की आय बढ़ाने एवं FPOs को सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम है। pic.twitter.com/Kt8OVPQ5LJ
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) January 21, 2026
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने पोस्ट में लिखा कि पूर्णिया से GI टैग प्राप्त मिथिला मखाना का दुबई को पहला समुद्री निर्यात किसानों की मेहनत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि को किसानों की आय बढ़ाने और एफपीओ को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
जानकारी के अनुसार, यह निर्यात एपीडा (APEDA) के सहयोग से किया गया है। 21 जनवरी 2026 को औपचारिक रूप से पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर दुबई के लिए रवाना किया गया। चहक फूड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड लंबे समय से मखाना प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात के क्षेत्र में कार्य कर रही है और अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रही है।
स्थानीय स्तर पर यह कंपनी न सिर्फ किसानों से सीधे मखाना खरीदकर उन्हें उचित मूल्य दिला रही है, बल्कि गांव के कई लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रही है। विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी से पैकेजिंग और प्रोसेसिंग कार्य में स्थानीय रोजगार को मजबूती मिली है।

चहक फूड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वोकल फॉर लोकल, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और किसान कल्याण योजनाओं के कारण ही आज छोटे जिलों के उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुंच पा रहे हैं। जीआई टैग, एपीडा का सहयोग और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं ने मिथिला मखाना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
पूर्णिया से दुबई तक मखाना निर्यात की यह सफलता न केवल जिले बल्कि पूरे बिहार के लिए एक नई संभावनाओं का द्वार खोलती है और आने वाले समय में कृषि आधारित उद्योगों को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।



