PURNIA NEWS: प्रखंड मुख्यालय से लेकर गांवों तक शौचालय बना शोभा की वस्तु, सिर्फ ठीकेदारी तक सीमित

पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: PURNIA NEWS लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत प्रखंड मुख्यालय सहित पूरे प्रखंड में विद्यालयों सहित हजारों की संख्या में शौचालय का निर्माण हुआ है, परंतु यह बस ठीकेदारी तक ही सीमित रहा, इससे आजतक किसी आम जनता को फायदा नजर नहीं आया। यह बनने के साथ ही टूटता चला गया है। यह सिर्फ शोभा की वस्तु ही बनी रही है। चाहे वह सांसद योजना हो, या विधायक योजना हो, या जिला परिषद से योजना हो, या फिर पंचायत की योजना से शौचालय बना हो, आजतक एक भी शौचालय सरजमीन पर चलता नहीं दिख रहा है। किसी का दरबाजा, तो किसी का फ्लस, तो कहीं पानी नहीं, किसी-न-किसी रूप से ये सभी शौचालय बंद पडे हुए हैं। गांवों की बातें तो दूर, मुख्यालय में लगभग आधा दर्जन से अधिक शौचालय हैं, परंतु लगभग सभी शौचालय बंद पडे हैं।

आश्चर्य तो यह है कि गांवों में प्रायः शौचालय एसटी एवं एससी वर्ग के लोगों के नाम पर ही बने हैं, जो एक भी कारगर नहीं है। सुनील नगर, भिखना, तेलडीहा सहित जहां भी एसटी-एससी वर्ग के लिए शौचालय बने, वे कभी चालू ही नहीं हुए। विद्यालयों में बच्चों को पढने के लिए कक्षाएं नहीं हैं, परंतु आधा दर्जन शौचालय जरूर मिल जाएंगे, जबकि कारगर शायद एकाध ही हैं। प्रखंड मुख्यालय में लगभग आधा दर्जन शौचालय हैं, परंतु चालू अवस्था में बस एक शौचालय है। यहां के जनसुराज के प्रखंड अध्यक्ष सह पूर्व सरपंच सजल कुमार कहते हैं कि लोहिया स्वच्छता अभियान के नाम पर बस लूट-ही-लूट है। घटिया शौचालय का निर्माण कर दिया जाता है, जो बनने के साथ ही टूटता चला जाता है। स्थिति यह होता है कि इसमें कभी कोई शौचालय भी नहीं जा पाता है। यह पूरी तरह से जनकल्याण के लिए नहीं, बल्कि अधिकारियों एवं ठीकेदारों के लाभ तक ही सीमित रह जाता है। उन्होंने सरकार से इन शौचालयों के निर्माण में हुई धांधली की जांच की मांग की है।

वही इस सम्बन्ध में बीडीओ अरविंद कुमार बताते है की उनके सामने आजतक एक भी सामुदायिक शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, वे इस बात की जांच करवा लेते हैं तथा अगर इसमें सत्यता पायी गई तो संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी।

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