Purnia News: पूर्णिया में स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर: शव वाहन न मिलने पर परिजन ने बाइक से ले गया शव

पूर्णिया: Purnia News बिहार के पूर्णिया जिले से स्वास्थ्य विभाग की एक और अमानवीय लापरवाही सामने आई है, जिसने सरकारी सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया। जलालगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में उस वक्त इंसानियत शर्मसार हो गई जब एक युवक के शव को एंबुलेंस या शव वाहन न मिलने पर परिजन को मजबूरी में बाइक पर रखकर 10 किलोमीटर दूर अपने गांव ले जाना पड़ा। मृतक 24 वर्षीय विकास कुमार साह, जलालगढ़ थाना क्षेत्र के पीपरपाती नया टोला वार्ड 14 का निवासी था, जिसकी पनार नदी में डूबने से मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाल कर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जब परिवार ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस या शव वाहन की मांग की तो अस्पताल प्रबंधन ने दो टूक कह दिया कि “एंबुलेंस शव ढोने के लिए नहीं होती।” इसके बाद मजबूर परिजनों ने बाइक पर ही शव को बैठाकर गांव की ओर रवाना कर दिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है और जनाक्रोश का कारण बन रहा है।

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इस मामले में जब सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। उनका कहना है कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और तुरंत शव वाहन की मांग की थी या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जीएमसीएच में दो शव वाहन उपलब्ध हैं और अगर परिजन थोड़ा इंतजार करते तो शव वाहन मुहैया कराया जा सकता था।

लेकिन सवाल यह है कि जब हादसे में जान गंवाने वाले के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा हो, तो क्या उन्हें सिस्टम के चक्कर में समय गंवाना चाहिए? यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता की कितनी कमी है। जांच के नतीजे कुछ भी हों, लेकिन तस्वीरें और वीडियो पहले ही बहुत कुछ कह चुके हैं।

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