पूर्णिया: पूर्णिया अपने 256वें स्थापना दिवस पर उत्सव और खुशी के माहौल में डूबा रहा, जहां पूरे शहर में व्यंजन मेले, कृषि प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रौनक देखने को मिली। दिन की शुरुआत शहर में आयोजित छोटे‑बड़े कार्यक्रमों से हुई, जिसमें स्थानीय लोग, छात्र और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए, और शहर की समृद्ध सांस्कृतिक और कृषि परंपराओं को प्रदर्शित किया गया।
कृषि मेला किसानों के लिए नई तकनीकों, बीज और उपकरणों के स्टॉलों से सजाया गया, जबकि विकास मेला सरकारी योजनाओं और नवाचारों को जनता तक पहुँचाने का अवसर बना।
शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक कलाकारों, संगीत और नृत्य समूहों ने शहरवासियों का मन मोह लिया, और प्रशासन ने इस अवसर पर जिले के भविष्य के लिए विकास और समृद्धि के संदेश दिए। पूरे दिन शहर में उत्सव की हलचल और लोगों की भागीदारी ने पूर्णिया के 256 साल के इतिहास को यादगार और जीवंत बना दिया।



