पूर्णिया: कोविड-19 महामारी के दौरान मानवता की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले चिकित्सकों की स्मृति में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) पूर्णिया द्वारा शुक्रवार को “कोविड शहीद दिवस” भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर IMA हॉल में कैंडललाइट ट्रिब्यूट कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ चिकित्सकों और गणमान्य नागरिकों ने मोमबत्तियाँ जलाकर अपने अमर साथियों को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कोविड महामारी देश के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक अभूतपूर्व चुनौती थी। उस कठिन दौर में चिकित्सक बिना अपनी जान की परवाह किए अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे और मरीजों की सेवा करते हुए हजारों डॉक्टरों ने अपने जीवन का बलिदान दिया। IMA के अनुसार, देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान 2000 से अधिक चिकित्सकों ने अपनी जान गंवाई, जो चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
शाम 7 बजे से 8 बजे तक चले श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद डॉक्टरों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि ये चिकित्सक केवल डॉक्टर नहीं, बल्कि समाज के सच्चे रक्षक थे, जिनकी सेवा और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
IMA पूर्णिया ने समाज से अपील की कि कोविड शहीद चिकित्सकों के योगदान को सदैव स्मरण रखा जाए और उनके परिजनों के प्रति संवेदना, सम्मान एवं सहयोग की भावना बनाए रखी जाए।
इस अवसर पर IMA पूर्णिया के अध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार, सचिव डॉ. प्रिंस पंकज एवं कोषाध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर कुमार सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।



