सहरसा, अजय कुमार: फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए इस बार सरकार के साथ-साथ समुदाय की शक्ति भी जुटाई जा रही है। जिले में आगामी 10 फरवरी से शुरू होने वाले “सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम” को लेकर जिला कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर निगम, आईसीडीएस, समाज कल्याण, खाद एवं उपभोक्ता संरक्षण, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मी उपस्थित रहे। बैठक में भीबीडी कंसल्टेंट राजेश कुमार के द्वारा पीपीटी के माध्यम से बताया गया कि फाइलेरिया हाथी पांव मच्छर काटने से फैलने वाला रोग है जो शरीर के लसिका तंत्र को नुकसान पहुंचता है समय पर दवा सेवन करने और मच्छर नियंत्रण से इस बीमारी पर की श्रृंखला तोड़ी जा सकती है।
जिलाधिकारी ने बताया अभियान में जीविका दीदियां भी अग्रणी भूमिका निभाने जा रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य है कि जिले के चयनित प्रखंड के प्रत्येक नागरिक को डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की दवा का सेवन कराया जाए, ताकि फाइलेरिया संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके। जिला फाइलेरिया विभाग के अनुसार, जिले में 11 फरवरी 2026 को जीविका दीदियों और उनके परिवार के सभी योग्य सदस्यों के लिए सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष मेगा कैम्प आयोजित किया जाना है। उस दिन जीविका दीदियों समूह के सदस्यों के साथ फाइलेरिया उन्मूलन हेतु जागरूकता आंदोलन आयोजित करेगी। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ रविंद्र कुमार ने बताया कार्यक्रम को सफ़ल बनाने हेतु विशेष रणनीति बनाई गई स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जीविका संगठन, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस सामुदायिक प्रयास से अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की तैयारी है।
जीविका दीदी घर-घर जाकर लोगों को दवा सेवन के लिए करेगी प्रेरित:
जीविका डीपीएम श्लोक कुमार ने बताया कि जीविका दीदियों को इस अभियान में घर-घर जाकर लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा, “जीविका दीदियां ग्रामीण समाज में विश्वास का प्रतीक हैं। उनकी भागीदारी से न केवल दवा सेवन दर में वृद्धि होगी बल्कि लोगों में फाइलेरिया के प्रति जागरूकता भी तेजी से फैलेगी।उन्होंने आगे कहा कि फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर स्थायी विकलांगता तक का कारण बन सकती है। इसलिए इससे बचाव का एकमात्र तरीका है कि हर व्यक्ति इस दवा का सेवन करे। दवा पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकों की देखरेख में दी जाती है।
मेगा कैम्प को लेकर सारी तैयारी की जा रही है।“केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सहरसा जिले ने इस दिशा में पहले ही कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को नई ऊर्जा देगी और लोगों तक सरकारी संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी।”उन्होंने आम जनता से अपील की कि सभी लोग पूरे परिवार के साथ इसका सेवन कर फाइलेरिया मुक्त समाज की दिशा में सहयोग करें।



