अररिया/प्रिंस कुमार:
सशस्त्र सीमा बल (SSB) पूर्णिया रेंज के उप महानिरीक्षक (DIG) राजेश टिकू ने शनिवार को एसएसबी 56वीं वाहिनी के अंतर्गत ‘जी’ समवाय बेला का दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान डीआईजी ने न केवल सीमा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और क्षेत्र के विकास पर मंथन किया।
ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद: विकास और सुरक्षा पर मंथन
डीआईजी राजेश टिकू ने बटालियन के कमांडेंट के साथ मिलकर सीमावर्ती ग्रामीणों के साथ एक विशेष बैठक की। संवाद के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा हुई:
नशा मुक्ति अभियान: डीआईजी ने युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन पर चिंता जताई और ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे समाज को इस बुराई से बचाने में एसएसबी का सहयोग करें।
सीमा सुरक्षा: भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने हेतु ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई।
विकास की मांग: ग्रामीणों ने डीआईजी के समक्ष अपनी बुनियादी जरूरतें रखीं, जिसमें बाजार भवन, सामुदायिक भवन का निर्माण और युवाओं के खेलकूद के लिए मैदान उपलब्ध कराने का विशेष आग्रह शामिल था।
सैनिक सम्मेलन: जवानों की समस्याओं का समाधान
सीमा चौकी के भ्रमण के दौरान डीआईजी ने समवाय में तैनात सभी कार्मिकों के साथ ‘सैनिक सम्मेलन’ किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों के जज्बे को सराहा। सम्मेलन के दौरान उन्होंने जवानों से सीधे रूबरू होते हुए उनकी व्यक्तिगत और कार्यस्थल से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली तथा उनके त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
समन्वय से मजबूत होगी सुरक्षा
डीआईजी ने जोर देकर कहा कि सीमा की सुरक्षा तभी पुख्ता हो सकती है जब सुरक्षा बल और सीमावर्ती नागरिक एक-दूसरे के पूरक बनकर कार्य करें। ग्रामीणों ने एसएसबी अधिकारियों की इस पहल का स्वागत किया और भविष्य में भी ऐसे संवाद आयोजित करने की बात कही।



